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Mohali News: राज्यपाल पुरोहित के त्याग पत्र को नहीं मिली मंजूरी

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चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित इस्तीफा देने के बाद एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति भवन की ओर से मंजूर नहीं किया गया है। यही वजह है कि पुरोहित सक्रिय रूप से शहर की आधिकारिक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। बीते शुक्रवार को उन्होंने शहर से अयोध्या के लिए शुरू नई बस सेवा को न केवल हरी झंडी दिखाई बल्कि यूटी सचिवालय में बैठक की अध्यक्षता भी की। सूत्रों के मुताबिक बनवारीलाल पुरोहित फिलहाल अपने पद पर बने रह सकते हैं। शनिवार देर शाम आठ दिन बीत जाने के बावजूद उनके त्याग पत्र पर राष्ट्रपति भवन से कोई पत्राचार नहीं हुआ। राजभवन के एक अधिकारी ने बताया कि तीन फरवरी को राज्यपाल की ओर से इस्तीफा देने के बावजूद राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कोई पत्राचार नहीं हुआ है। लिहाजा, पुरोहित अपने पद पर सेवाएं दे रहे हैं। पुरोहित ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भेजे अपने इस्तीफे में पद छोड़ने का निजी कारण बताया था। उन्होंने बीते 2 फरवरी को दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर आए थे, जिसके बाद 3 फरवरी को राष्ट्रपति को इस्तीफा भेज दिया था।
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2021 में बने थे पंजाब के राज्यपाल
पुरोहित ने अगस्त 2021 में पंजाब के गवर्नर का पद संभाला था। वह 2017 से 2021 तक तमिलनाडु के राज्यपाल रहे। इससे पहले 2016 से 2017 तक वे असम के गवर्नर रह चुके हैं। पुरोहित वह तीन बार नागपुर से सांसद रह चुके हैं। उनके इस्तीफे के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पुरोहित फिर से सांसद का चुनाव लड़ सकते हैं और सांविधानिक पद पर होने के कारण यह संभव नहीं। पुरोहित की पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ तकरार भी जगजाहिर है।
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