मोहाली। फेज-6 जिला सिविल अस्पताल समेत सभी सेहत संस्थाओं के डॉक्टर छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के विरोध में तीन दिन की हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को भी इमरजेंसी के अलावा डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों को चेक नहीं किया। डॉक्टर ज्वाइंट गवर्नमेंट डॉक्टर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले संघर्ष पर गए हैं। इससे जिले में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस मौके पर जमा हुए डॉक्टरों ने बताया कि छठे वेतन आयोग से सैलरी बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन इससे मुलाजिमों को नुकसान हुआ है। सभी मुलाजिमों की सैलरी कम हो गई है।
दूसरी तरफ डॉ. परविंदर सिंह ने बताया कि रोजाना फेज-6 जिला सिविल अस्पताल में रोजाना एक हजार से ऊपर की ओपीडी हो जाती है । उन्होंने कहा कि संघर्ष के बीच हमें मरीजों की चिंता है। जिसके एवज में जच्चा बच्चा केंद्र और इमरजेंसी के मरीजों को लगातार सेवा दी जा रही है, क्योंकि यह सेवाएं बंद नहीं की जा सकती। वहीं इन तीन दो दिनों में 70 प्रतिशत ओपीडी के मरीजों पर असर पड़ा है। ब्लड टेस्ट के सेवाएं जारी हैं। ऐसे में सिर्फ जनरल ओपीडी ही तीन दिन तक बंद की गई थी आज दूसरे दिन भी सरकार की तरफ से कोई पुख्ता जवाब नहीं मिला है। ज्वाइंट कमेटी के प्रधान डॉक्टर गगनदीप सिंह, पीसीएमएस एसोसिएशन प्रधान डॉक्टर सरबजीत सिंह रंधावा, वेटर्नरी ऑफिसर एसोसिएशन के प्रधान डॉक्टर गगनदीप शेरगिल, डेंटल एसोसिएशन के प्रधान डॉक्टर संजीव पाठक, आयुर्वेदिक डॉक्टर बलविंदर सिंह, होम्योपैथी डॉक्टर दीपिंदर सिंह, रूरल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन आदि मौजूद थे।