मोहाली। पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा मंगलवार को मोहाली भाजपा के नए जिलाध्यक्ष संजीव विशिष्ट के पदभार संभालने के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। यहां जिला पदाधिकारियों ने गुलदस्ते और दोशाला देकर उनका स्वागत किया। संजीव वशिष्ट ने प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और पूरे नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि वह भाजपा को जिला मोहाली में मजबूत करने के लिए दिन-रात एक करेंगे।
इस मौके पर अश्वनी शर्मा ने कहा कि अब तो पंजाब सरकार के रवैये के खिलाफ पंजाब के पीसीएस अधिकारियों ने सामूहिक छुट्टी पर जाने का एलान कर दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार और प्रशासन में किसी तरह का कोई तालमेल नहीं है। अब ऐसा लगता है जैसे पूरा पंजाब धरने पर बैठ गया है। वहीं उन्होंने इस दौरान कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों में जुटने को कहा।
उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टर्स और देशद्रोही ताकतों का दबदबा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इनका मनोबल इतना ऊंचा है कि उन्हें पुलिस, सरकार, कानून या पुलिस का कोई डर नहीं है। सरकार ने पंजाब के लोगों का जीना दूभर कर दिया है। पंजाब में रेत-बजरी समेत रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने जनता से झूठे वायदे करके पंजाब में सरकार बनाई और अब तक एक भी वायदा पूरा नहीं किया। पंजाब की प्रति व्यक्ति जीएसटी आय घटकर 551 रुपये हो गई है जबकि हमारे पड़ोसी राज्य हरियाणा की प्रति व्यक्ति बढ़कर 2356 रुपये हो गई है।
इस मौके पर प्रदेश महासचिव राजेश बागा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, केवल सिंह ढिल्लों, लखविंदर कौर गरचा, सुखविंदर सिंह गोल्डी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमनदीप कौर रामूवालिया, प्रदेश मीडिया सह-सचिव हरदेव सिंह उभा, कमलजीत सिंह सैनी, सुरेंदरपाल सिंह अहलूवालिया, पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील राणा, संजीव खन्ना, सभी मंडलों के अध्यक्ष व पंजाब व जिला नेतृत्व आदि उपस्थित थे।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू नहीं पहुंचे
भाजपा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष संजीव वशिष्ट के पदभार संभालने के कार्यक्रम के दौरान जहां पंजाब भाजपा के पंजाब अध्यक्ष अश्वनी शर्मा सहित अन्य पंजाब की लीडरशिप और बड़े नेता मौजूद रहे वहीं भाजपा में हाल ही में शामिल हुए पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू नहीं पहुंचे। सिद्धू की यहां पर गैरमौजूदगी अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। पिछले विधानसभा चुनाव में संजीव वशिष्ट और बलबीर सिंह सिद्धू ने आमने-सामने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। वशिष्ट ने भाजपा के टिकट पर और सिद्धू ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में हिस्सा लिया था।