मोहाली के लगभग सभी सेक्टरों की सड़कों की मरम्मत, बिजली- पानी, पार्कों की देखभाल अब नगर निगम करेगा। इसके लिए गमाडा हर साल नगर निगम को पैसे अदा करेगी। इस मामले को लेकर शुक्रवार को हाउस की स्पेशल मीटिंग हुई। इसमें मेयर व सभी पार्षद मौजूद रहे। मीटिंग में गमाडा से सेक्टर-48 से 71 व 76 से 80 की मरम्मत और कैपिटल वर्क्स निगम को तब्दील करने पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। जिसे सभी पार्षदों ने अपनी मंजूरी दे दी है। इसके बाद लोगों को अपनी समस्याओं के लिए विभिन्न विभागों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। बल्कि नगर निगम में ही उनकी सुनवाई होगी। मीटिंग में मेयर ने बताया कि काफी समय से वह इस मामले को लेकर संघर्ष कर रहे थे। 16 और 28 जुलाई को इस मामले को लेकर मीटिंग हुई। मीटिंग पंजाब हाउसिंग एवं अर्बन डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिव के रूप में हुई। इसमें प्रस्ताव तैयार किया था।
ऐसे करेगा गमाडा अदायगी
गमाडा और नगर निगम में हुई सहमति के मुताबिक पहले पांच साल (2016 -2017 से 2020-2021 तक) गमाडा हर साल निगम को 50 करोड़ रुपये देगा। इसके बाद अगले पांच साल गमाडा द्वारा निगम को (साल-2021-2022 से 2025-26 तक) हर साल 22.50 करोड़ रुपये की अदायगी करेगी।
यह काम अब निगम देखेगा
-सेक्टर-48 से 71 व 76 से 80 सेक्टरों में पड़ते गांवों में मरम्मत और कैपिटेल वर्क्स का काम निगम करवाएगा। इसके तहत सभी सड़कों की मरम्मत, सेक्टर पैरीफेरल सड़कों को चौड़ा करना व मजबूत करना, वाटर सप्लाई, मेंटिनेंस व सीवरेज का काम, सभी बिजली के काम, जिसमें स्ट्रीट लाइट्स, कम्युनिटी सेंटर, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम व बागवानी का काम निगम करेगा।
रकम पर मिलने वाला ब्याज गमाडा को जाएगा
मीटिंग में बताया गया कि हर तीन माह के बाद फंड जारी किया जाएगा। फंडों के प्रयोग के लिए सर्टिफिकेट भी जमा करवाने होंगे। गमाडा से मिलने वाले फंड के लिए अलग खाते में रखे जाएंगे। वहीं, जिसमें ज्यादा से ज्यादा ब्याज मिलता होगा। वहीं, मिलने वाला ब्याज भी गमाडा को दिया जाएगा। वहीं, एक साल में कम किया गया खर्च अगले साल के लिए रैकीड ओवर नहीं होगा। वहीं, सभी खर्च का वित्तीय व तकनीकी ऑडिट किया जाएगा।
गमाडा के बिल्डिंग बायलॉज लागू होंगे
भले ही इलाके गमाडा ने निगम को ट्रांसफर कर दिए है, लेकिन गमाडा ने साफ कर दिया है कि इन एरिया में गमाडा के ही बिल्डिंग बायलॉज लागू किए जाएंगे। वहीं, सेक्टर-80 तक जो एरिया निगम को ट्रांसफर किया गया है। उसमें रखरखाव के कामों के संबंध में कानूूनी कार्रवाई या झगड़ा होता है तो ऐसे में नगर निगम जिम्मेदार होगा।
पांच सेक्टरों के रहते काम करवाएगा गमाडा
सेक्टर-76 से 80 में कोर्ट केस होने के कारण कई काम नहीं करवाए जा सके हैं। वह निगम को तब्दील करने से पहले गमाडा द्वारा पूरे करवाए जाएंगे। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
विवाद में प्रमुख सचिव का फैसला मानना होगा
गमाडा और निगम में समझौते ही शर्तों कोई झगड़ा होता है तो ऐसे में पंजाब हाउसिंग एंड अर्बन डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिव का फैसला आखिरी होगा।