मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ने अपने अधिकार क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अनधिकृत कॉलोनी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाकर एसएसपी को पत्र लिखकर प्रोजेक्ट डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। इससे पहले अथॉरिटी ने बिना आवश्यक मंजूरियों के निर्माण कार्य करने पर डेवलपर्स को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। जिला टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) के अनुसार जांच में सामने आया कि वर्ल्ड वाइड इमिग्रेशन कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड और अन्य एससीओ 415-16, सेक्टर 22-सी, चंडीगढ़ ने गांव नाडा नयागांव जिला मोहाली फेयरवुड फार्म्स व इम्पीरियल गोल्फ ग्रीन्स के नाम से एक अनधिकृत कॉलोनी विकसित की जा रही थी। फील्ड स्टाफ की रिपोर्ट में पाया गया कि परियोजना के पास विकास प्राधिकरण की अनिवार्य मंजूरियां नहीं थीं। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी द्वारा विभिन्न अखबारों में विज्ञापन देकर रक्षा कर्मियों/सरकारी अधिकारियों व उनके परिजनों को 605 व 1250 वर्ग गज के 100 प्लॉट आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। प्रमोटर्स ने इसे भारत सरकार से स्वीकृत इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट बताया, लेकिन जांच में परियोजना न्यू कैपिटल (पेरीफेरी) कंट्रोल एक्ट, 1952 की धारा 5 और पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1995 की धारा 64 का उल्लंघन करती पाई गई। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया। गमाडा की मुख्य प्रशासक साक्षी साहनी ने आम जनता से केवल स्वीकृत परियोजनाओं में ही निवेश करने की अपील की और स्पष्ट किया कि अनधिकृत प्रोजेक्ट्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।