मोहाली। एक पिता ने पास्टर जशन गिल पर बहला-फुसलाकर उसकी बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा पास्टर पर
अप्रशिक्षित डॉक्टर से उसका गर्भपात कराने का भी आरोप है। पिता का कहना है कि संक्रमण फैलने से 2023 में उसकी लड़की की मौत हो गई थी। इस मामले में शिकायत देने के बाद एसएचओ डॉक्टर से समझौता करने का दबाव बना रहा है। मृतका के पिता ने इस मामले में सीएम पंजाब और डीजीपी को भी शिकायत भेजी है। वीरवार को अमृतसर से मोहाली अपने वकील के साथ पहुंचे पिता ने बताया कि एसएचओ के डर से अमृतसर में रहने लगे हैं। मृतका के पिता ने सीएम पंजाब व डीजीपी पंजाब को भी मामले की शिकायत दी है।
पीड़ित युवती के पिता ने वीरवार को अपने वकील अनिल सागर के साथ प्रेस कांफ्रेंस की। उसने आरोप लगाया कि उनके परिवार ने अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण अबुलखैर में पादरी जशन गिल के शिविर में जाना शुरू किया था। इस दौरान उसने अपनी 21 वर्षीय बेटी जो बीसीए की छात्रा थी, को बहला-फुसलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने शुरू कर दिए। इस दौरान लड़की गर्भवती हो गई। पादरी जशन गिल ने लड़की को चुपके से गर्भपात के लिए मजबूर कर दिया। उसने एक अप्रशिक्षित डॉक्टर की मदद से उसका गर्भपात करवा दिया। गलत ढंग से किया यह गर्भपात घातक साबित हुआ। कुछ दिन बाद 2023 में संक्रमण फैलने के कारण लड़की की मौत हो गई। थाना दीनानगर में शिकायत देने के बावजूद उन्हें 70 दिन तक शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
आखिरकार बढ़ते दबाव के कारण और एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद पादरी जशन गिल पर मामला दर्ज किया गया। जब उन्होंने अवैध गर्भपात करने वाली नकली डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा तो पुलिस ने उसे बचाकर उसकी नौकरानी पर मामला दर्ज कर दिया। परिवार का आरोप है कि मौजूदा एसएचओ अमृतपाल सिंह रंधावा मामला दर्ज करने के बजाय उल्टा उन्हें ही परेशान कर रहे हैं। एसएचओ पीड़ित परिवार पर समझौता करने का दबाव बना रहा है। उन्हें घंटों थाने में बैठाकर धमकाता है। पुलिस की धमकियों के कारण पीड़ित परिवार अपना शहर और घर छोड़कर अमृतसर चला गया है। पीड़ित परिवार के वकील अनिल सागर ने कहा कि धर्म के नाम पर इस तरह से बच्चे का शोषण करना मानवता का घोर अपमान है। इस मामले में पांच सदस्यीय एसआईटी का भी गठन किया गया है
मुझ पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। जांच में जो अपराध सामने आया उसके तहत कार्रवाई कर दी गई है। आगे की जांच एसआईटी अमृतसर कर रही है। जो फैक्ट सामने आएंगे उसके हिसाब से एसआईटी अपनी कार्रवाई करगी। उसमें हम कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते। -अमृतपाल सिंह रंधावा, एसएचओ थाना दीनानगर