खरड़। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत से जुड़े गिलको वैली सेक्टर-115 के गुस्साए निवासियों ने शनिवार सुबह गिलको मैनेजमेंट के मुख्य कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गिलको मैनेजमेंट और कंपनी के मालिक रणजीत सिंह गिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक चले इस धरने के दौरान किसी भी कर्मचारी को कार्यालय में प्रवेश या बाहर निकलने नहीं दिया गया। निवासियों ने आरोप लगाया कि गिलको वैली के लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
इन मुद्दों को लेकर पहले भी गिलको मैनेजमेंट के साथ कई बैठकें की गई और लिखित रूप में पांच रिमाइंडर भी दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एसटीपी से उठ रही बदबू लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। रणजीत सिंह गिल द्वारा 15 दिनों में मर मत पूरी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा 12 पार्कों के विकास एवं हैंडओवर, सड़क मर मत, पीएसपीसीएल के हाई टेंशन पोल हटाने, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, सीवरेज कनेक्शन और लेआउट प्लान जैसे कई मुद्दे लंबे समय से लंबित पड़े हैं। निवासियों ने कहा कि लगभग 250 घरों के लिए केवल 6-7 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जबकि कम से कम 20 ट्रांसफार्मरों की आवश्यकता है। पुरानी और टूटी हुई तारों के कारण स्ट्रीट लाइटें भी बार-बार खराब हो जाती हैं और खुले बिजली तार लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
इस मौके पर गुरजीत सिंह अध्यक्ष, साहिल दुबे सचिव, प्रीतम सिंह उपाध्यक्ष, एडवोकेट शमशेर सिंह, एडवोकेट दीपक वर्मा, हरजीत कौर, रुचिता शर्मा, राम कुमार, जसविंदर सिंह, जसपाल सिंह, दिलबाग सिंह, बलजीत सिंह, अनूप सिंह, बलविंदर सिंह सहित बड़ी सं या में निवासी तथा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के लीगल अफेयर्स के स्टेट प्रमुख इंजीनियर बृज मोहन मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद रणजीत सिंह गिल ने गिलको वेलफेयर एंड कल्चरल सोसायटी के पदाधिकारियों से टेलीफोन पर बातचीत कर जल्द बैठक बुलाने और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद निवासियों ने सशर्त धरना समाप्त किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मैनेजमेंट ने लापरवाही बरती तो सेक्टर-127 स्थित गिलको मु य कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।