बलटाना निवासी हरदीप सिंह, अमरिंदर सिंह, शमशेर सिंह, सलीम, करनेल सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरदीप सिंह, सुरिंदर सिंह, कर्म सिंह, चंद्रपाल, नरिंदर सिंह, कमलजीत कौर, कमला, गुफरा, सिंदर कौर और मलकीत कौर ने बताया कि यह समस्या कई वर्षों से चली आ रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क को ही डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है और आसपास की सभी सोसायटियों का कचरा यहीं फेंका जाता है। कई बार लिखित शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद ने कोई समाधान नहीं किया।
लोगों ने कहा कि तीन दिन से सड़क पर कूड़े का ढेर लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैली हुई है। पास ही स्कूल और डिस्पेंसरी होने के कारण बच्चों व मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो कूड़े की ट्रॉली भरकर नगर परिषद दफ्तर में डाल दी जाएगी।
नगर परिषद में 200 कर्मचारी, फिर भी गंदगी
स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर परिषद के पास 200 से ज्यादा सफाई कर्मचारी हैं, जिन्हें हर महीने करीब 20 लाख रुपये वेतन दिया जाता है, फिर भी सफाई की स्थिति बदहाल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव से 2 अक्टूबर तक “स्वच्छता पखवाड़ा” मनाया गया, इसके बावजूद शहरभर में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं।
विशेष अनुमति के लिए भेजा है पत्र
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद का कूड़ा उठाने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का टेंडर तीन दिन पहले खत्म हो गया था, जिस कारण कचरा नहीं उठाया गया। इस संबंध में डीसी मोहाली को विशेष अनुमति के लिए पत्र भेजा गया है। वहीं, कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी ने बताया कि टेंडर रिन्यू कर लिया गया है। आज शाम तक ट्रॉलियां भेजकर इलाके की सफाई करवा दी जाएगी।