डेराबस्सी। लालड़ू की लैहली पुलिस ने फौज में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवकों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। लैहली पुलिस ने इस गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए गिरोह के शातिरों में सचिन उर्फ फौजी और चंद्र शेखर निवासी जिला सिरसा हरियाणा, सुनील और प्रेम निवासी हिसार हरियाणा के रूप में हुई है।
डीएसपी डेराबस्सी गुरबख्शीश सिंह ने बुधवार को थाना प्रभारी लालड़ू भिंदर सिंह और लैहली पुलिस चौकी इंचार्ज हरकेश सिंह के साथ प्रेस कांफ्रेस कर इस गिरोह का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पंजाब और हरियाणा में एक गिरोह युवकों को भारतीय फौज में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठग रहा है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर चारों शातिरों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पूछताछ में इनकी निशानदेही पर उनसे दो लाख 85 हजार रुपये नकद, एक लैपटॉप, एक फौज की वर्दी, फौज के फर्जी प्रमाण पत्र और ज्वाइनिंग लैटर बरामद किए हैं। यह शातिर अभी हरियाणा में युवकों को अपना शिकार बना रहे थे। पंजाब में यह इनका पहला मामला था और इसी में सभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। यह शातिर युवकों को सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। पुलिस ने बताया कि यह आरोपी उस समय पकड़े गए हैं जब हरियाणा से लालड़ू की लैहली चौकी के इलाके में किसी युवक से पैसे वसूलने आ रहे थे। इसी दौरान इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि पहले तीन आरोपी गिरफ्त में आए जो कि शेवरले क्रूज कार में सवार होकर पैसे वसूलने के आए थे। पुलिस ने चारों को अदालत में पेश कर वहां से चार दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है।
शातिर कम पढ़े लिखे होने के बावजूद युवकों को बना रहे थे ठगी का शिकार
डीएसपी ने बताया कि चारो शातिर कम पढ़े हैं और अच्छे पढ़ेलिखे युवकों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लैटर दिखाकर मोटी रकम वसूल रहे थे। यह आरोपी अब तक एक दर्जन से अधिक युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठग चुके थे। यह लोग एक युवक से नौकरी दिलाने के लिए चार-पांच लाख रुपये में सौदा तय करते थे। इतना ही नहीं यह लोग युवकों को फौज का ज्वाइनिंग लेटर देते हुए फौज की वर्दी में उनकी फोटो भी खिंचवाते थे। इतना ही नहीं युवकों के नकली प्रमाण पत्र तक भी फर्जी बनाकर देते थे।