आरोपियों के बारे में जानकार देते एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने वाले चार बदमाशों को सीआईए स्टाफ खरड़ ने बलौंगी से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव बसी जलाल, जिला होशियारपुर (पंजाब) निवासी सौरव कुमार उर्फ अजय व रंजीत सिंह उर्फ काका, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) निवासी शिवराज सोनी और कासा होम्स, लांडरां रोड निवासी कुषर आशीष राम सरूप के रूप में हुई है। कुषर मूलरूप से अहमदाबाद (गुजरात) का रहने वाला है।
पुलिस ने आरोपियों से .32 बोर की तीन व 315 बोर की दो पिस्टल, दो लैपटॉप और 26 कारतूस बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी होशियारपुर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने इन्हें 18 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से इनसे पूछताछ की जा रही थी। बुधवार को एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने प्रेसवार्ता कर चारों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। बलौंगी पुलिस ने चारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
यह भी पढ़ें: Punjab: पीएम मोदी को दिए स्वर्ण मंदिर के मॉडल की नीलामी पर रार, सुखबीर बोले-नहीं संभाल सकते तो वापस कर दें
एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने बताया कि पकड़े गए चारों युवक गैंगस्टर कल्चर से प्रभावित हैं। इन्हें पकड़ने के बाद जब पूछताछ की गई तो पता चला कि शिवराज सोनी पांच महीने से आरोपी आशीष के साथ कासा होम्स खरड़ में रह रहा था और अलीगढ़ निवासी हथियार सप्लायर हमाद से हथियार लाकर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में गैंगस्टरों को सप्लाई करता था। अभी शिवराज ने हमाद से सौरव और रंजीत को हथियार दिलवाए थे, क्योंकि इन दोनों को होशियारपुर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना था।
ठगी की रकम से मंगवाते थे हथियार
आशीष कासा होम्स सोसाइटी में किराए पर फ्लैट लेकर रह रहा था। उसके साथ तीनों आरोपी भी रहते थे और अमेरिकी लोगों को पर्सनल लोन देने के बहाने सिबिल स्कोर बढ़ाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगते थे। आरोपी ठगी गई रकम से हथियार खरीदते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी शिवराज ने हथियार सप्लायर हमाद से दो पिस्टल लेकर होशियारपुर में किसी गैंगस्टर के गुर्गे को दिए थे।
तीन महीने से सप्लाई कर रहे थे हथियार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हथियार सप्लाई करने का खेल पिछले तीन महीने से चल रहा था। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस तीन महीने से लगी हुई थी। इस बार आरोपियों को हथियार के साथ उनके फ्लैट से ही काबू कर लिया गया।