मोहाली। कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई अमानवीय वारदात से पूरा देश के लोग और मेडिकल स्टाफ रोष में हैं। इस पर फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में बुधवार को पूर्ण मैडिकल स्टाफ ने रोष प्रदर्शन किया। इस कारण पूरा दिन सभी ओपीडी बंद रहीं, परंतु किसी भी मरीज को परेशानी का सामना ना करना पड़े, इसलिए इमरजेंसी के बाहर तीन डेस्क लगा दिए गए थे। तीनों डेस्क पर डॉक्टरों को बैठा दिया गया था, जिससे मरीजों की भीड़ को संभाला जा सके।
इस धरने में मेडिकल इंस्टीट्यूट (एम्स) और सिविल अस्पताल के डॉक्टर, प्रोफेसर, छात्र, टैक्निशियन, नर्सिंग स्टाफ आदि मौजूद था। सभी ने कोलकाता में हुई इस वारदात की निंदा की और खुद के लिए भी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी। अस्पतालों और मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज में स्टाफ और छात्रों में भी डर बना हुआ दिखाई पड़ रहा है।
खुद की सुरक्षा नहीं तो कैसे करेंगे मरीजों का इलाज
इस धरने के दौरान महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि वह , रात दिन अस्पताल में मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। वहीं ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, तो उनका मनोबल पूरी तरह से गिर जाता है। अगर वह खुद की सुरक्षा ही सुरक्षित कर सकेगी तो वे कैसे मरीजों का ध्यान रख सकेंगी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा हर प्रकार से सुरक्षित करनी चाहिए।
मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा ही है प्राथमिकता
यह धरना कोलकाता में हुए दुखद हादसे पर रोष दर्शाने और इंसाफ के लिए किया गया। साथ ही अस्पताल में मौजूदा सिक्योरिटी सिस्टम में सुधार के लिए किया गया। इससे अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड, सीसीटीवी कैमरा और अन्य प्रकार से सिक्योरिटी सुविधा बढ़ाने के लिए मांग की जा रही है। साथ ही इस हादसे में जो भी आरोपी सामने आ रहे हैं, उन्हें मौत की ही सजा सुनानी चाहिए, जिससे भविष्य में लोगों को ऐसा न करने का डर बना रहे। -डॉ. अश्वनी कुमार गुप्ता, मेडिकल कॉलेज फैकल्टी के प्रधान