मोहाली। विदेश भेजने के नाम पर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले फर्जी इमीग्रेशन एजेंटों के खिलाफ मोहाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे 11 एजेंटों और एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हैं जो बिना वैध लाइसेंस के इमीग्रेशन कारोबार चला रहे थे। इन एजेंटों द्वारा की गई कुल धोखाधड़ी की राशि करीब 1.15 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
एसएसपी हरमंदीप सिंह हंस ने बताया कि यह कार्रवाई डीएसपी (जांच) जतिंदर सिंह चौहान की निगरानी में और इंस्पेक्टर जसकमल सिंह सेखों, इंचार्ज मानव तस्करी विरोधी यूनिट, की अगुवाई में की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि जिले में कई संस्थान और एजेंट बिना रजिस्ट्रेशन या वैध लाइसेंस के विदेश भेजने की सलाहकार सेवाएं दे रहे थे, जो सीधे तौर पर इमीग्रेशन एक्ट का उल्लंघन है।
यह हैं प्रमुख एजेंसियां
इन एजेंटों और एजेंसियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धाराएं 316(2), 318(4), 61(2) और इमीग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत केस दर्ज किए गए हैं। इन एजेंटों ने विदेश में पढ़ाई और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली, लेकिन न तो वीजा दिलाया गया और न ही पैसे लौटाए गए।
पुलिस जांच में जिन एजेंसियों के नाम सामने आए हैं उनमें नेक्सस अकैडमी (वीआईपी रोड, ज़ीरकपुर – आईईएलटीएस/पीटीई सेंटर), बेस्ट ट्रैवल एजेंसी, रॉयल गेटवे ऑफ माइग्रेशन (फेज-1, मोहाली) प्रमुख हैं।
उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि वे किसी भी इमीग्रेशन एजेंट से पैसे देने से पहले उसका लाइसेंस और प्रमाणपत्र अवश्य जांचें। एसएसपी हंस ने कहा कि पुलिस का यह कदम न सिर्फ धोखाधड़ी पर रोक लगाने की दिशा में अहम है, बल्कि युवाओं को गैरकानूनी तरीकों से विदेश जाने के जोखिमों से बचाने का भी संदेश देता है।