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टॉय पिस्टल के दम पर परिवार को बंधक बना की थी डकैती

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डकैती के मामले में पकड़े गए आरोपी और उनसे बरामद नकदी के बारे में जानकारी देते एसएसपी मोहाली हरचरन - फोटो : MOHALI
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मोहाली। पीरमुछल्ला में करीब दो महीने पहले परिवार को बंधक बनाकर हुई डकैती को आरोपियों ने टॉय पिस्टल के दम पर अंजाम दिया था। यह खुलासा डकैती के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों ने किया है। शुक्रवार को एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस मुख्य आरोपी अभी फरार है, जोकि पीड़ित परिवार का जानकार बताया जा रहा है। आरोपियों से 26 लाख रुपये बरामद किए हैं, जबकि 19 लाख रुपये इनके छह बैंक खातों में हैं। पुलिस ने इन खातों को सीज करवा दिया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों से टॉय पिस्टल भी बरामद कर ली है। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि डकैती के दौरान लूटी गई राशि से आरोपियों ने स्विफ्ट कार खरीदी और साथ में दो मोबाइल भी खरीदे हैं, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
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दो मई को पीरमुछल्ला स्थित विक्टोरिया हाइट्स के फ्लैट नंबर 103 में डकैती हुई थी। आरोपियों ने घर में बच्चों को पढ़ा रही जीनू वर्मा पत्नी राकेश वर्मा और उसके बच्चों को बंधक बनाकर एक कमरे में ले जाकर उनके मुंह पर टेप लगा दी थी। उसके बाद घर की अलमारी और बॉक्स में से नकदी और सोने-चांदी के गहने लूट कर फरार हो गए थे। ढकोली पुलिस ने जीनू वर्मा की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम का गठन किया, जिसने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हरमन की गिरफ्तारी ने खोल दिए थे सारे राज
आरोपी हरमन सिंह निवासी गांव कखांवाली थाना लंबी जिला मुक्तसर साहिब को दो जुलाई को पुलिस ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली से काबू किया था। वह विदेश जाने की फिराक में था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि इस वारदात के पीछे उसका चचेरा भाई जगमीत सिंह उर्फ बब्बू निवासी मुक्तसर साहिब है। बब्बू की शिकायतकर्ता महिला के पति राकेश वर्मा से एक अन्य दोस्त की वजह से जान पहचान हुई थी। उनका इकट्ठे उठना-बैठना था। ऐसे में बब्बू को पता था कि पीड़ित के घर में सोना, चांदी और कैश पड़ा है।
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जगमीत खुद वारदात के दौरान नहीं था मौजूद
पुलिस के मुताबिक हरमन ने पूछताछ में बताया था कि बब्बू ने वारदात में सुखदेव सिंह व गुरसेवक सिंह उर्फ सेवा गांव चुन्नू थाना लंबी, विशू शर्मा निवासी बठिंडा से वारदात को अंजाम देनेे की साजिश रची थी। बब्बू खुद वारदात के दौरान मौजूद नहीं था, क्योंकि उसे डर था कि कहीं उसका भेद न खुल जाए।
एनडीपीएस केस में पकड़े कैंटर का नंबर था कार में
आरोपियों ने डकैती में एसेंट कार का इस्तेमाल किया था। यह कार आरोपी के दोस्त पार्थ बक्शी निवासी जीरकपुर की थी, जो कि बब्बू ने उससे कुछ समय के लिए मांगी थी। कार की असल नंबर प्लेट उतारकर उसमें कैंटर की नंबर लगाकर वारदात में इस्तेमाल की गई थी। जिस कैंटर का नंबर कार में लगाया था वह गत वर्ष से एनडीपीएस एक्ट में बठिंडा जिले के थाना संगत पुलिस के पास कब्जे में है।
मुख्य आरोपी के माता-पिता भी नामजद
मुख्य आरोपी बब्बू का पिता प्रकाश निवासी गांव कखांवाली लंबी जिला मुक्तसर काफी शातिर बताया जा रहा है। प्रकाश के खिलाफ पहले ही पांच मामले दर्ज हैं, जिसमें एक कत्ल और दो एनडीपीएस एक्ट के शामिल हैं। प्रकाश सिंह को दस-दस साल की कैद भी हो चुकी है, जबकि बब्बू पर भी कत्ल और एक्साइज एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। हालांकि अभी वह पुलिस पकड़ से बाहर है। पुलिस ने पीरमुच्छल्ला डकैती के मामले में बब्बू के पिता प्रकाश और मां बलजीत कौर को नामजद किया है।
कहां गया लूटा गया सोना व गहने
पुलिस ने डकैती के मामले में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनसे सिर्फ नकदी बरामद हुई है, जबकि सोना और सोने के गहने भी लूटे गए थे। पुलिस लूटा गया सोना व सोने के गहने किसके पास हैं, इसका पता लगाने में जुटी है।
शिकायतकर्ता से की जाएगी पूछताछ
एसएसपी ने बताया कि डकैती के दौरान पीड़ित परिवार ने बयान दिया था कि उनके घर से सोने के गहने और करीब तीन लाख रुपये लूटे गए हैं। ऐसे में पुलिस आरोपियों से बरामद लाखों रुपये कई सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस ने शिकायतकर्ता के पति राकेश वर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया है कि आखिर इतना पैसा कहां से आया है। हालांकि पता चला है कि गिरोह का मुख्य आरोपी सट्टे खेलने का शौकीन है। ऐसे में पुलिस का संदेह है कि पैसा सट्टे में प्रयोग किया गया है। पुलिस कई एंगलों से मामले की जांच में जुटी है।
यह आरोपी आए पकड़ में
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अभी तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसमें हरमन सिंह को दो जुलाई को पकड़ा था, जोकि अब पटियाला जेल में है, जबकि प्रकाश सिंह, गुरसेवक सिंह उर्फ सेवा और सुखेदव सिंह उर्फ तेजी को अब पकड़ा गया हैं। मुख्य आरोपी साजिशकर्ता बब्बू, सुखप्रीत सिंह सुक्खू, विशू शर्मा और वारदात में इस्तेमाल की गई एसेंट कार का मालिक पार्थ पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिन्हें जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।
डकैती के बाद कैश से भरा बैग बब्बू को सौंपा था
डकैती के बाद लूटा गया कैश से भरा बैग मुख्य आरोपी बब्बू को सौंपा गया था। बब्बू ने अपने साथियों को दस-दस लाख रुपए प्रति व्यक्ति देने का वादा किया था। बब्बू ने छह-छह लाख रुपये हरमन, सुखदेव उर्फ तेजी और सुक्खू को दिए, जबकि गुरसेवक सिंह उर्फ सेवा को पचास हजार रुपये दिए। इनको बाकी पैसे बाद में दिए जाने थे।
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