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मलबे से मिला एक और शव, मृतकों की संख्या हुई तीन

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डेराबस्सी में फैक्ट्री में आग लगने के बाद से लापता हुए रिक्की की फाइल फोटो। - फोटो : MOHALI
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डेराबस्सी। मुबारिकपुर रोड पर स्थित पंजाब केमिकल्स एंड क्रोप प्रोटेक्शन लिमिटेड (पीसीसीपीएल) केमिकल फैक्टरी में आग लगने के मामले में मृतकों की संख्या तीन हो गई है। शुक्रवार को फैक्ट्री के मलबे से एक और व्यक्ति का जला हुआ शव मिला है। पुलिस ने बताया कि इसकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा जिससे स्पष्ट होगा कि यह शव किसका है। बता दें कि फैक्ट्री में बुधवार को आग लगने से दो वर्करों की जलकर मौत हो गई थी और एक वर्कर लापता था। इसके अलावा 12 वर्कर घायल हो गए थे जिनमें से सात वर्कर चंडीगढ़, पंचकूला व मोहाली के अलग-अलग निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
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शुक्रवार को फैक्ट्री के मलबे से शव मिलने के बाद लापता हुए रिक्की निवासी गांव बतौड़ बरवाला, पंचकूला, हरियाणा के परिजनों को लगा कि यह शव रिक्की का है, परंतु पुलिस ने शव को बिना डीएनए टेस्ट कराए देने से मना कर दिया। ऐसे में अभी यह पता नहीं चल पाया कि यह शव रिक्की का ही है या किसी और का। रिक्की के परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं।
यह कहते हैं थाना प्रभारी
थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के मलबे में से एक अज्ञात व्यक्ति का जला हुआ शव मिला है। मृतक की पहचान करवाने के लिए उसके डीएनए का मिलान उसके परिवार के साथ किया जाएगा। अगर डीएनए मिल गया तो यह शव रिक्की के पारिवारिक सदस्यों को सौंप दिया जाएगा। फैक्ट्री प्रबंधक दावा कर रहे हैं कि यह शव रिक्की का है, परंतु उनकी तरफ से तसल्ली करने के लिए डीएनए टेस्ट करवाना जरूरी है। हो सकता है कि हादसे में ओर भी किसी कर्मी की मौत हुई हो, जिस बारे में प्रबंधकों ने जानकारी न दी हो।
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रिएक्टर के पास पैर फंसने से हुई थी रवि की मौत
पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के समय एसीएफ प्लांट में 40 वर्कर थे। वहीं आग लगने वाली तीसरी मंजिल पर 10 वर्कर काम कर रहे थे। इनमें सुखविंद्र सिंह उर्फ बंटी, रवि कुमार और रिक्की फटने वाले रिएक्टर के पास काम कर रहे थे, जिस कारण वह सबसे पहले इसकी चपेट में आए। हादसे के समय सुखविंद्र ने आग की चपेट में आने के बाद तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, बाकी वर्करों ने रवि को बचाने के लिए हाथ पकड़ कर खींचने का प्रयास किया, परंतु उसका पैर रिएक्टर के पास फंस गया व नीचे गिरने के कारण केमिकल व आग की चपेट में आकर वह जिंदा जल गया था।
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