मोहाली। 29 साल पुराने आईएएस के बेटे का अपहरण करने के मामले में दर्ज हुए केस के संबंध में पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी रविवार को दोबारा एसआईटी के सामने पेश हुए। सूत्रों से पता चला है कि पुलिस की ओरसे 53 सवालों के जवाब पूछे गए हैं। जिसमें सैनी ने पुलिस के हर सवाल का जवाब दिया है।
इस दौरान सुमेध सिंह सैनी ने शिकायतकर्ता की ओर से लगाए सभी आरोपों को गलत बताया है। वहीं, सूत्रों से पता चला है कि पुलिस अधिकारी उनके कुछ जवाबों से संतुष्ट नहीं थे। हो सकता है कि यह देखते हुए सैनी को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाए। हालांकि इस मामले में मोहाली पुलिस के अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे। दूसरी तरफ मोहाली जिला अदालत ने सैनी को जमानत देते समय साफ किया था कि वह पुलिस जांच में सहयोग करेंगे।
मिली जानकारी के मुुुताबिक पूर्व डीजीपी से रविवार को करीब डेढ़ घंटे तक सेक्टर-76 स्थित एसएसपी आफिस में पूछताछ की गई। इस दौरान वहां पर पुलिस का कड़ा सुरक्षा पहरा था और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
इतना ही नहीं एसएसपी ऑफिस की ओर जाने वाली सड़कों को बैरिकेडिंग करके बंद कर दिया गया था। हालांकि वहां पर तैनात पुलिस स्टाफ से जब रास्ता बंद होने के बारे में पूछा तो उनका जवाब था कि अंदर सैनिटाइजेशन प्रक्रिया चल रही है। रविवार को दोपहर बाद 4 बजे से शाम करीब साढ़े 5 बजे तक पूछताछ की प्रक्रिया चली। इसके बाद सैनी का काफिला सीधे अपने घर की तरफ निकला। उनके काफिले में तीन गाड़ियां थी। इसमें दो सुरक्षा जिप्सी थी। जो कि एक उनकी इनोवा कार से आगे तो दूसरी पीछे चल रही थी। वहीं, सैनी कोरोना बचाव को ध्यान में रखकर मास्क आदि लगाकर पहुंचे हुए थे।
मटौर थाने में केस दर्ज, पहले वहीं होनी थी पूछताछ
मिली जानकारी के मुताबिक पहले स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मटौर थाने में पूर्व डीजीपी सैनी को बुलाना था। क्योंकि पहली पूछताछ के लिए वहीं बुलाया था। ऐसे में मीडिया कर्मी वहीं पहुंच गए थे। पुलिस ने अपना प्लान बदल उन्हें एसएसपी ऑफिस में बुलाया था और यहां पूरे सुरक्षा प्रबंध थे।
ऐसे गठित हुई थी एसआईटी
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी पर कुछ समय पहले मटौर थाने में अपहरण का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद उन्हें जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई थी। वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की थी। अदालत के आदेश पर सैनी ने कुछ समय पहले इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली थी। इसके बाद उन्हें दोबारा बुलाया था।
सैनी पर दर्ज हुआ है अपहरण का केस
दरअसल 1991 में जब सुमेध सिंह सैनी एसएसपी चंडीगढ़ के पद पर तैनात थे, उस समय उन पर एक आतंकी हमला हुआ था। इसमें उनका बचाव हो गया था। जबकि इस मामले में उनके चार सुरक्षा कर्मी मारे गए थे। आरोप है कि इसके बाद सैनी के आदेश पर चंडीगढ़ पुलिस ने एक सीनियर आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी को मोहाली स्थित घर से जबरदस्ती उठाया था। वह सिटको चंडीगढ़ में जेई था। परिवार का आरोप है कि इसके बाद उनका बेटा घर नहीं लौटा है। यह मामला पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद परिवार ने कुछ नए तथ्यों पर दोबारा मोहाली के मटौर थाने में केस दर्ज करवाया है। इसमें सैनी समेत 8 लोगों पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया है।