मोहाली। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया दिवाली जेल में ही बिताएंगे। जेल प्रशासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उनको अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया। इस दौरान सरकारी और मजीठिया के वकील कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने बिक्रम मजीठिया की न्यायिक हिरासत एक नवंबर तक बढ़ा दी है।
पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया नाभा जेल में अन्य विचाराधीन कैदियों और खूंखार अपराधियों के साथ एक ही बैरक में रह रहे हैं, क्योंकि अदालत ने अलग सेल की उनकी याचिका खारिज कर दी है। इस अनुरोध को खारिज कर अदालत ने पंजाब सरकार और जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उच्च न्यायालय के निर्देशों और जेल नियमावली के अनुसार शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। हालांकि मजीठिया को आंशिक राहत मिली क्योंकि अदालत ने उन्हें सप्ताह में दो बार एक अलग कमरे में परिवार के सदस्यों और वकीलों से मिलने की अनुमति दी हुई है। उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि यह अनुमति परिवार द्वारा मंजूरशुदा 10 व्यक्तियों तक विस्तारित है, जिसमें उनकी कानूनी टीम भी शामिल है। ये मुलाकातें आमने-सामने होंगी। कलेर ने अपने मुवक्किल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। आपराधिक गिरोहों और राष्ट्र-विरोधी एजेंसियों से खतरे का हवाला दिया था। अदालत ने इन आशंकाओं पर ध्यान दिया और राज्य सरकार से जेल परिसर के अंदर सुरक्षा उपाय बढ़ाने को कहा था।