मोहाली। जिला प्रशासन ने दिवाली पर प्रदूषण-मुक्त और सुरक्षित त्योहार मनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने जिले के निवासियों से ''''हरी-भरी दिवाली'''' मनाने और आतिशबाजी से दूर रहने की अपील की है। डॉ. जैन ने कहा कि आज वातावरण में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, इसलिए पटाखों से परहेज करना चाहिए। पटाखे चलाना न केवल आबोहवा को दूषित करता है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत हानिकारक और जोखिम भरा हो सकता है।
सुरक्षित दिवाली के लिए जरूरी सावधानियां
- आंखों का विशेष ख्याल रखें। - पानी की बाल्टियां और मिट्टी के थैले आसपास रखें।
- छोटे बच्चों को आतिशबाजी से दूर रखें और उनके साथ माता-पिता मौजूद हों।
- पटाखे चलाते समय रेशमी और ढीले कपड़ों की जगह सूती कपड़े पहनें।
- पटाखे कभी भी हाथ में पकड़कर न चलाएं और अनचले पटाखों को दोबारा जलाने की कोशिश न करें।
दिवाली के दिन और रात के समय जिले के सभी बड़े स्वास्थ्य संस्थानों, जिनमें जिला अस्पताल मोहाली, खरड़, कुराली, डेराबस्सी आदि शामिल हैं, में आपातकालीन सेवाएं सामान्य की तरह चालू रहेंगी। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल डॉक्टरी सहायता प्रदान की जा सके।