जीरकपुर। नगर परिषद गठन के दो दशक बीत जाने पर भी शहर में आज तक अपनी सब्जी मंडी नहीं बनाई गई। जबकि शहर में फ्लैट और मकान तो धड़ाधड़ बनाए जा रहे हैं लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान ही नहीं है। यहां सब्जियों की नीलामी कई जगह सालों से हो रही है। पिछले बीस साल में जीरकपुर नगर परिषद सब्जी मंडी के लिए कोई योजना तब नहीं बना पाया। इस वजह से शहर में बहुत सी जगह अवैध सब्जी मंडियों की भरमार है। इससे एक तो नगर परिषद को सीधे राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं, दूसरा सड़कों पर सब्जियां नीलाम होने से अव्यवस्था फैल रही है और लोगों को यातायात जाम का भी सामना करना पड़ता है।
बता दें कि जिस तरह चंडीगढ़ और पंचकूला में शहर के लोगों के लिए फ्रूट और सब्जी मंडी के लिए एक जगह निर्धारित की गई है और इसके अलावा शहर में सप्ताह में अलग-अलग जगहों पर भी सब्जी मंडियां लगाई जाती हैं। इसी तरह की योजना जीरकपुर में भी तैयार की जानी चाहिए। यहां एक तो निर्धारित जगह सब्जी और फ्रूट मंडी के लिए जगह दी जानी चाहिए, जहां पर ट्रकों में भरकर आने के बाद थोक के भाव में सब्जियां और फल लोगों और फुटकर विक्रेताओं को आसानी से मिल सके। इससे एक तो लोगों को ताजी और सस्ती सब्जी और फल का लाभ होगा। वहीं शहर के बाजारों में जगह-जगह लगने वाली फल और सब्जी की रेहड़ियां लगनी बंद हो जाएंगी और इससे सड़कों पर ट्रैफिक जाम भी नहीं लगेगा और बाजारों में ज्यादा भीड़ भी नहीं होगी।
बता दें कि शहर के कई इलाके के लोगों ने शहर में अपनी स्थायी जब्जी मंडी बनाने के लिए जीरकपुर नगर परिषद को लिखा है। लोगों ने कहा है कि नगर परिषद इस प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए वीकली सब्जी मंडी के लिए योजना बनाए। लेकिन नगर परिषद ने इस मसले पर हाउस की बैठक में कभी बात ही नहीं की और न ही सब्जी मंडी के लिए कोई योजना ही तैयार की गई। इस लापरवाही के कारण आज भी चार लाख की आबादी वाले शहर में लोग रेहड़ी-फड़ी वालों से सड़क पर खड़े होकर सब्जी खरीदते हैं, उन्हें सीधे किसानों से आने वाली ताजी और सस्ती दरों पर सब्जी नहीं मिलती।
शहर में बना डाली आधा दर्जन से ज्यादा अवैध सब्जी मंडियां
जीरकपुर नगर परिषद अवैध मंडियों को बढ़ावा दे रही है। क्योंकि जीरकपुर के शहरी क्षेत्र में आधा दर्जन से ज्यादा अवैध सब्जी मंडियां बन चुकी हैं। इनमें चंडीगढ़-अंबाला हाइवे, ढकोली एरिया में एक, पटियाला रोड पर एक, पभात रोड पर एक, पीरमुछल्ला में दो, तहसील रोड से गाजीपुर को जाने वाली सड़क पर एक, वीआईपी रोड पर बनी एक मंडी शामिल है। यह सब्जी मंडियां यहां के जमींदारों की हैं, जिसके बदले में वह अपनी जमीन पर अड्डा देकर दुकानदारों से रोजाना अच्छा खासा किराया वसूलते हैं। इनमें कुछ के पास तो पार्किंग की जगह है, लेकिन ज्यादातर के पास इतनी भी जगह नहीं कि ग्राहक अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकें। अगर इन मंडियों के सामने लोग अपने वाहन खड़े करते हैं तो दो-तीन मिनट में जाम लग जाता है। सबसे बुरा हाल यहां ढकोली इलाके में है। ढकोली में एमसी को सब्जी मंडी लगाने के लिए जगह तय करनी होगी, क्योंकि यहां अधिकतर रेहड़ी-फड़ियां ओल्ड कालका रोड पर लगती हैं।
इसके अलावा ढकोली पुलिस थाना और हॉस्पिटल के बाहर रेहड़ियां लगती हैं। इससे यहां ट्रैफिक प्रभावित रहता है। लोगों की मांग है कि एमसी को ढकोली के लोगों के लिए यहां गाजीपुर एरिया में सब्जी मंडी बनानी चाहिए। गाजीपुर में एमसी के पास खुली जगह भी पड़ी है।
जीरकपुर में 50 एकड़ से ज्यादा शामलात की जमीन, नगर परिषद यहां बना सकता है मंडी
जीरकपुर में 50 एकड़ से ज्यादा शामलात की जमीन पड़ी है। यहां पर नगर परिषद सब्जी मंडी बना सकता है। इनमें जीरकपुर के पभात में 20 एकड़ और सनौली में 18 एकड़ जमीन शामिल है। इनके अलावा गांव छत्त और शताबगढ़ में भी शामलात की खाली जमीन पड़ी हैं। यहां पर भी मंडी के लिए प्लानिंग तैयार की जा सकती है। लेकिन नगर परिषद और स्थानीय नेताओं का इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं है। क्योंकि यहां के नेता अवैध सब्जी मंडियों को तवज्जो दे रहे हैं। मंडी बनने से जहां रेहड़ी-फड़ी से लोगों को मुक्ति मिलेगी, वहीं लोगों को एक ही जगह सब्जी और फल खरीदने में आसानी होगी। इसलिए शहर के लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द योजना तैयार करके शहर के लोगों को सब्जी मंडी देनी चाहिए।
हमारी सरकार आने पर जरूर बनेंगी मंडी
हमारी सरकार आने पर जरूर बनेगी मंडी
सब्जी मंडी बनाने का विचार था। क्योंकि जीरकपुर की आबादी काफी बढ़ गई है, लेकिन तब तक हमारी सरकार चली गई। पिछले पांच साल से कांग्रेस की सरकार है, उन्होंने कुछ भी नहीं किया। अगर हमारी सरकार आती है, तो जीरकपुर में सब्जी मंडी लोगों की सहूलियत के लिए जरूर बनाई जाएगी। - एनके शर्मा, अकाली विधायक, हलका डेराबस्सी।
सही जगह देखकर तैयार करेंगे योजना
जीरकपुर में सब्जी मंडी बनाने का विचार है। इसके लिए अभी जगह की तलाश कर रहे हैं। इसके लिए स्थानीय लोगों की राय भी जरूर ली जाएगी, ताकि स्थानीय निवासी इस पर आपत्ति न उठाएं। इसके बाद लोगोें की सुविधा के लिए सही जगह देखकर मंडी बनाने की योजना तैयार की जाएगी।
- उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान नगर परिषद।