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पहले धमकियां, फिर दो लाख का लालच और फिर हमला

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मोहाली। गांव कुंभड़ा में तीन साल पहले हुए हरप्रीत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी वीर सिंह को आरोपी मनीष प्रभाकर और उसके साथियों ने गवाही न देने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए। परिवार वालों का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उन्हें जान से मारने तक की धमकियां दी। साथ कहा कि वह केस में गवाही से पीछे हट जाए। जब उनकी बात नहीं बनी तो आरोपियों ने उसे पैसे का लालच देने का प्रयास भी किया।
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परिवार वालों के मुताबिक मनीष प्रभाकर व उसके साथियों ने दो लाख रुपये तक की पेशकश की लेकिन बीर सिंह ने तय कर लिया था कि वह हमेशा ही सच्चाई के साथ चलेंगे। उन्होंने जो अपनी आंखों से देखा है, वह ही अदालत में बताएंगे। आरोपियों की जब यहां दाल न गली तो उन्होंने अब बीर सिंह को जान से मारने की कोशिश की। परिवार के सदस्यों ने बताया कि इसी महीने इस केस की सुनवाई होनी थी। उससे पहले आरोपी की तरफ से यह कदम उठाया गया। परिवार वालों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर यह क्या हुआ है।
आपने मेरे दादू को गोली मारी है
गोली की घटना के बाद से कुंभड़ा स्थित कुम्हार कालोनी में वीर सिंह के घर पर भी दहशत का माहौला था। इस दौरान जब अमर उजाला की टीम वहां पर पहुंची तो बीर सिंह के छोटे से पोते का कहना था कि आपने मेरे दादू को गोली मारी है। वह घर में रंगों से रंगोली बना रहा था।
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परिवार को सता रहा है सुरक्षा की चिंता
इस घटना के बाद से बीर सिंह के परिवार व पड़ोसी भी दहशत में है। उनका कहना है कि इस घटना ने उन्हें हिलाकर रख दिया है। अब उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा का डर सता रहा है। क्या पता आरोपी दोबारा उनके घर पर हमला कर दे।
घटना के बाद गलियों में सन्नाटा, परिवार हुआ एकजुट
इस घटना के बाद इलाके में शुक्रवार को सन्नाटा पसर गया। पूरी गलियां सूनी थीं। वहीं पूरे इलाके के लोग एकजुट हो गए थे। अधिकतर लोग अस्पताल व परिवार के साथ थे। वहीं बच्चे स्कूल तक नहीं जा सके।
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