मोहाली। गांव कैलों में वीरवार रात करीब 11 बजे लाइट जाने पर गांव में ट्रांसफार्मर की रिपेयर का काम चल रहा था। इस दौरान लखबीर सिंह वहां बिजली कर्मियों के पास जाकर पूछने लगा कि बिजली कब तक आएगी। तभी दूसरे गुट के परमिंदर सिंह और जंग बहादुर सिंह ने उस पर फायरिंग कर दी। इस कारण लखबीर सिंह जख्मी हो गया। गोली की आवाज सुनकर उसके चचेरे भाई सतनाम सिंह और हरविंदर सिंह वहां आए तो हमलावरों ने उन पर भी फायर कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपी भाई परमिंदर सिंह और जंग बहादुर सिंह फरार हो गए। इस संबंध में पीडि़त हरविंदर सिंह के बयान पर सोहाना थाना पुलिस ने दोनों पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
गुरविंदर सिंह ने बताया कि गांव में वीरवार को लाइट नहीं थी। इस पर उसके चाचा का बेटा लखबीर सिंह (39) ट्रांसफार्मर ठीक कर रहे बिजली कर्मचारियों से पूछने चला गया। वह ट्रांसफार्मर के पास खड़े होकर कर्मचारियों से बात कर रहा था कि तभी परमिंदर सिंह और उसका भाई जंग बहादुर सिंह मौके पर आए। दोनों की उसके भाई लखबीर सिंह के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। इस बहस के दौरान उन्होंने उसके भाई पर गोली चला दी जो उसके पेट में लगी। गोली की आवाज सुनकर उनका दूसरा चचेरा भाई सतनाम सिंह पहुंचा तो आरोपियों ने उस पर भी फायर कर दिया। उसके भी पेट में गोली लगी। वहीं बाकी भाई और परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर भी फायर किया जो चचेरे भाई हरविंदर सिंह की बाजू पर लगा। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए।
तीनों भाइयों को जख्मी पड़ा देखकर परिवार के सदस्य उन्हें सोहाना के प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए। वहां सुबह करीब 3 बजे ऑपरेशन करके घायलों की गोलियां निकाल दी गई है। डॉक्टरों ने बताया कि हरविंदर सिंह की हालत ठीक है। वहीं लखबीर सिंह और सतनाम सिंह को 72 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि लखबीर सिंह को लगी गोली ने उसकी किडनी, छोटी आंत और बड़ी आंत को नुकसान पहुंचाया है। वहीं सतनाम सिंह के फेफड़ों में गोली लगी है, जबकि हरविंदर सिंह की बाजू में लगी गोली को डॉक्टरों ने निकाल दिया है।