जीरकपुर में प्रीत कॉलोनी की सब्जी मंडी में लगी आग, 10 दुकानें जलने से लाखों का नुकसान
शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग पर दमकल कर्मियों ने दो घंटे में पाया काबू
इसी सब्जी मंडी में चार साल पहले भी लगी थी आग, फट गए थे तीन गैस सिलिंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। बुधवार को सुबह करीब 9 बजे चंडीगढ-अंबाला हाईवे पर स्थित प्रीत कॉलोनी के अंदर पुरानी सब्जी मंडी में भयंकर आग लग गई। इस कारण 10 दुकानें जलकर राख हो गईं। आगजनी की सूचना के बाद दमकल विभाग के कर्मचारी पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस आगजनी से दुकानदारों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इस आगजनी में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
जानकारी के मुताबिक सब्जी मंडी में बनी यह दस दुकानें एक ही लाइन में हैं और इन्हें शटर लगा हुआ है। इनमें कुछ दुकानें क्रॉकरी व अन्य सामान की हैं। जबकि सब्जी मंडी की बाकी सभी दुकानें चारों ओर से खुली हैं। इस कारण नुकसान होने से बचाव हो गया है। करीब चार साल पहले भी इसी सब्जी मंडी में रात के समय भयंकर आग लग गई थी और लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। उस घटना के बाद भी नगर परिषद और दमकल विभाग के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया और यह सब्जी मंडी वैसे ही चल रही हैं। बुधवार की घटना पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम डेराबस्सी ने ईओ और दमकल विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। आगजनी का घटना का दौरा करने के लिए हलका विधायक भी मौके पर पहुंचे और अवैध तरीके से मंडी चलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
शिकायत पर भी नहीं हो रही कार्रवाई
इस मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह मंडी पुरानी है और अवैध तौर पर विकसित की गई है। इसकी शिकायत स्थानीय वकील विपन शर्मा ने नगर परिषद को फरवरी 2023 में भी दी थी। उन्होंने बताया कि चार साल पहले भी इस मंडी में आग लगी थी और तीन गैस सिलिंडर फट गए थे। उस समय भी इस सब्जी मंडी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि यह सब्जी मंडी रिहायशी इलाके में बनी हुई है। अवैध सब्जी मंडी से रोजाना सब्जी विक्रेताओं से पैसे इकट्ठे किए जाते है। मंडी की दीवार के साथ हमारे घर बने हुए हैं। अगर कोई गैस सिलिंडर फट कर उनके घरों में जाकर गिरा तो भारी नुकसान हो सकता है। इसकी शिकायत हम कई बार नगर परिषद ईओ और प्रधान उदयवीर ढिल्लों को कर चुके हैं, लेकिन वह तो अब फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते। जबकि इन लोगों ने सब्जी मंडी और बड़ी कर ली है। आगजनी की घटना के बाद प्रशासन हल्की-फुल्की कार्रवाई करके चुप हो जाता है, जबकि हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पहले भी लग चुकी आग
करीब चार साल पहले भी इसी सब्जी मंडी में आग लगी थी। इसके बाद भी न तो लोगों ने और न ही अधिकारियों ने कोई सबक लिया। शहर में आठ से दस ऐसी ही सब्जी मंडियां मौजूद हैं, जिनके पास कोई मंजूरी नहीं है। दमकल विभाग के अनुसार शहर में 80-90 प्रतिशत दुकानों और व्यापारिक इमारतों के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। इस पर दमकल विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। जब भी कोई घटना होती है तो उसके बाद दमकल विभाग नोटिस भेजकर पल्ला झाड़ लेता है। वहीं लोगों का कहना है कि दमकल विभाग द्वारा शहर में दी गई एनओसी की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
कोट्स
प्रीत कॉलोनी में बनी सब्जी मंडी के संचालक को नोटिस दे दिया गया है और कई धाराओं के तहत उससे जवाब मांगा गया है। उनका जवाब आने के बाद बनती कार्रवाई भी की जाएगी। -रवनीत सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, जीरकपुर
कोट्स
कोई भी जानी नुकसान नहीं हुआ है। हमने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हमारी ओर से सब्जी मंडी या संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं बनती, क्योंकि यह अस्थायी शेड हैं। यह सब नगर परिषद के अंडर आता है। -जसवंत सिंह, इंचार्ज फायर ब्रिगेड अधिकारी, जीरकपुर