ज्वलनशील पदार्थ पड़े होने के कारण भड़की आग
जानकारी के अनुसार बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर लकड़ी के फर्नीचर के साथ फोम का सामान काफी मात्रा में पड़ा था। इसके अलावा फोम को चिपकने के लिए स्लोशन व थिनर भी पड़ा था। इसे आग लगते ही एकदम भड़क गई और कर्मचारियों को आग बुझाने का मौका तक नहीं मिला। बिना सुरक्षा व मंजूरी के ज्वलनशील पदार्थ व केमिकल रखना और विभाग द्वारा इसके खिलाफ कोई कार्रवाई न करना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
शोरूम में नहीं था कोई भी आग बुझाने का यंत्र
जानकारी के मुताबिक हर व्यापारिक बिल्डिंग को फायर ब्रिगेड द्वारा एनओसी लेना जरूरी है। वहां फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। नियमों के मुताबिक शुरुआती दौर में आग पर काबू पाने के लिए आग बुझाओ यंत्र होना बहुत जरूरी है।
हैरानी की बात है कि शोरूम में आग बुझाने का यंत्र मौजूद नहीं था। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां करीब सभी शोरूम बिना फायर विभाग की एनओसी के चल रहे हैं। इतना ही नहीं, किसी भी दुकानदार के पास किसी भी केमिकल को रखने की मंजूरी तक नहीं है।
हमें 10 बजकर 40 मिनट सूचना मिली। तुरंत दोनों गाड़ियां मौके पर भेज दी। आग भीषण होने के चलते डेराबस्सी से दो, पंचकूला से एक व चंडीगढ़ से एक फायर टेंडर समेत कुल 14 फायर टेंडर आग बुझाने में लगे। - राजीव कुमार, इंस्पेक्टर, दमकल विभाग, जीरकपुर।