मोहाली। गमाडा की महत्वाकांक्षी 7000 एकड़ में बसने वाली एरोट्रोपोलिस परियोजना के लिए किसानों ने जमीन अधिग्रहण का विरोध कर संघर्ष छेड़ने का ऐलान किया है। इस संबंध में गांव कुरड़ी के गुरुद्वारा साहिब में विभिन्न गांवों के किसानों और प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें 16 गांवों के किसान 24 मार्च को गमाडा कार्यालय के सामने धरना देंगे। गमाडा अपने अहम प्रोजेक्ट एरोट्रोपोलिस के लिए चार ब्लाकों ए से लेकर डी तक पहले ही जमीन एक्वायर कर चुकी है। अब गमाडा ने ई से जे के साथ-साथ इसकी एक्सटेंशन के लिए 16 गांवों की करीब 7000 एकड़ जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू हुई की है।
इसका किसान लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध को लेकर गांव कुरड़ी में हुई बैठक में सरपंच नाहर सिंह कुरड़ी, जगरूप सिंह, बलजीत सिंह नंबरदार, जगत सिंह ढोल, सरपंच लखविंदर सिंह कराला, गुरभजन सिंह और सरपंच जय पाल अजीजपुर सहित अन्य किसानों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर 24 मार्च को धरना देने का निर्णय लिया है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी आपत्तियां दूर नहीं की गईं तो 25 मार्च से पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। रोजाना अलग-अलग गांवों के किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे। किसानों का कहना है कि पहले से अधिग्रहित जमीन का विकास अभी तक नहीं हुआ है, जबकि अब और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह है किसानों की मांग
एक एकड़ जमीन के बदले 1500 गज रिहायशी और 300 गज कॉमर्शियल प्लॉट देने, 25 एकड़ प्रति कैश अवार्ड रखने, इसके अलावा भूमि मालिक को प्रति एकड़ के हिसाब से सालाना 1 लाख रुपये चकौता (लीज राशि) देने और इस राशि में हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की मांग है। चकौता मिलने की अवधि विकसित किए जाने वाले प्लॉट के आवंटन तक होनी चाहिए, न कि केवल तीन वर्षों तक। साथ ही जिन किसानों की आजीविका खेती के साथ-साथ पशुपालन और अन्य व्यवसायों पर भी निर्भर है, उन्हें दो-दो कनाल के पशुपालन क्लस्टर प्लॉट तथा अन्य गतिविधियों के लिए भी इसी प्रकार के क्लस्टर प्लॉट दिए जाएं। पुनर्वास और पुनर्स्थापन के तहत प्रत्येक परिवार के प्रत्येक सदस्य को कम से कम 25 लाख रुपये की राशि दी जाए, क्योंकि इस नीति के बाद परिवार के हर सदस्य का पुनर्वास आवश्यक होगा। इसके अलावा अन्य कई मांगे शामिल है।
यह है प्रोजेक्ट
एयरपोर्ट के पास एरोसिटी के बाद एरोट्रोपोलिस सिटी बसाई जानी है। 5,500 एकड़ में बसाई जाने वाली यह एक मेगा टाउनशिप है। अब इसके एक्सटेंशन के लिए 2,490 एकड़ से अधिक जमीन एक्वायर की जानी है। इस योजना में आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत भूखंड शामिल होंगे।