कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां की सभी मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करने का आश्वासन मिलने पर लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सात दिनों से चल रहा संयुक्त किसान मोर्चा का धरना आखिरकार समाप्त हो गया है। पंजाब सरकार की ओर से किसानों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने यह फैसला लिया। इसके बाद किसान अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। एक से सात सितंबर तक चले इस प्रदर्शन से सीमा पर आवाजाही भी प्रभावित रही थी। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसानों की सभी मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद किसान संगठनों ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई। धरने में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए थे। किसान सुखविंदर सिंह, जगजीत सिंह और गुरमीत सिंह ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों का समयबद्ध तरीके से समाधान करने की बात कही। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे। अब धरना समाप्त होने के बाद सीमा पर हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
मांगों पर सरकार का आश्वासन
पंजाब सरकार की ओर से कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करने का भरोसा दिया। मंत्री ने यह भी कहा कि मांगों को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इस भरोसे के बाद ही संयुक्त किसान मोर्चा ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। किसान नेताओं ने सरकार के आश्वासन पर नजर रखने की बात कही है।
सात दिन चला प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान एक सितंबर से चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर डटे थे। यह धरना दिन-रात चला, जिसमें किसानों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं। किसान नेताओं ने पहले कहा था कि जब तक उनकी समस्याओं को लेकर सरकार ठोस आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर आवाजाही बाधित रही। पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी थी।
आगे की रणनीति पर नजर
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार के आश्वासन पर किसान संगठनों की कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। कई किसानों ने बताया कि वे सरकार से मिले भरोसे के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांगों को जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाता रहेगा।