लालड़ू। केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को पांचवे दिन भी किसान संगठन रेलवे स्टेशन लालड़ू के रेलवे मार्ग पर अनिश्चित समय के लिए टेंट लगा डटे हुए हैं। भारतीय किसान एकता सिद्धूपुर ब्लॉक प्रधान जसवंत सिंह कुरली, भारतीय किसान यूनियन कादियां जिला मोहाली के प्रधान राजिंदर सिंह ढौला और भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जिला मोहाली के उपप्रधान मनप्रीत सिंह अमलाला, ब्लाक प्रधान कर्म सिंह सहित अन्य नेताओं ने कहा कि किसान विरोधी कानूनों के कारण जहां कारपोरेट घरानों को किसानों की फसलों को मनमर्जी के भाव में लूटने की छूट मिलेगी। वहीं सरकारी मंडियां भी खत्म होनी तय हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से जहां बड़े व्यापारियों को फायदा होगा, वहीं छोटे व्यापारी और दुकानदार बिल्कुल खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम इस कानून को वापस करवा कर ही रहेंगे।
इस आंदोलन में सोमवार को कांग्रेस के हलका इंचार्ज दीपिंदर सिंह ढिल्लों के सियासी सचिव बुधराम धीमान, शिरोमणि कमेटी मेंबर निरमैल सिंह जौलाकलां, लोक भलाई संस्था के प्रधान हरविंदर सिंह झरमड़ी, मार्केट कमेटी लालड़ू के चेयरमैन ओमवीर राणा, प्रेम राणा, संजय वासदेव, सतीश राणा, उदय राणा, बिट्टू, बलकार रंगी दप्पर, मोहन मास्टर सहित अलग-अलग अन्य संगठनों के किसानों ने भी हिस्सा लिया।
इस मौके पर एक प्रवक्ता की ओर से कथित तौर पर राजनीतिक पार्टी पर टिप्पणी करते ही धरने पर बैठे किसानों की ओर से आपत्ति जताते ही वहां मौजूद किसानों में हलचल पैदा हो गई और विरोध होता देख प्रवक्ता को अपना भाषण बीच में ही बंद करना पड़ा। हालांकि पहले ही दिन से किसान संगठनों ने किसी भी पार्टी के प्रति टिप्पणी करने से सख्त मना किया था। किसानों में हलचल होती देख वहां पर जिम्मेदार संगठनों के नेताओं ने स्थिति संभाली और उक्त प्रवक्ता की ओर से की गई टिप्पणी के लिए माफी मांग मांगने के बाद शांत करवाया। इसके कुछ देर बाद उक्त प्रवक्ता इस मौके से चला गया।