डेराबस्सी। पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों को लेकर लोगों को मोहाली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि ऐसे मामलों का निपटारा अब अपने शहर डेराबस्सी में हो जाएगा। दरअसल स्थानीय अदालत में पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों को याचिकाओं में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। ऐसे मामलों के निपटारे में लोगों को मोहाली स्थित फैमिली कोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। दूसरी ओर, स्थानीय अदालत ने डेराबस्सी के अंदर फैमिली कोर्ट बनाने का फैसला लिया था, जिसे लेकर सारी मंजूरियां मिल चुकी हैं और मोहाली प्रशासन को पत्र लिखकर उपयुक्त जगह की मांग की थी।
जीरकपुर, ढकोली, डेराबस्सी, हंडेसरा व लालड़ू पुलिस थानों के अधीन रहने वाले लोग अपने पारिवारिक विवाद के समाधान को लेकर डेराबस्सी अदालत पहुंचते हैं और अदालत में लोगों द्वारा दायर की जाने वाली याचिकाओं को सबसे पहले न्यायाधीश द्वारा फैमिली कोर्ट को भेजा जाता है, जो अभी मोहाली मौजूद हैं। वहीं, स्थानीय अदालत में दायर होने वाले केसों पर नजर मारी जाए तो बीते कुछ वर्षों के दौरान पारिवारिक विवादों से जुड़े केसों में लगातार वृद्धि हुई है।
जजों के पैनल ने डेराबस्सी कोर्ट का किया था दौरा
दरअसल, बीते दिनों पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से वरिष्ठ जजों के एक पैनल ने डेराबस्सी अदालत का निरीक्षण किया और यहां होने वाले कामकाज को लेकर समीक्षा की। इसमें सामने आया कि डेराबस्सी अदालत के अंदर फैमिली कोर्ट न होने के कारण लोगों को मोहाली आना पड़ता है। इसके बाद जजों के पैनल ने डेराबस्सी अदालत के जजों की मांग पर फैमिली कोर्ट बनाने को मंजूरी दे दी और एक पत्र जिला प्रशासन को लिखकर फैमिली कोर्ट के लिए डेराबस्सी के अंदर उपयुक्त जगह की मांग की गई। दूसरी ओर, अदालत द्वारा मांगी गई जगह को लेकर एक प्रस्ताव स्थानीय नगर परिषद की हाउस में पेश किया गया, जिसको सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
कोट्स
अदालत की ओर से प्राप्त हुए पत्र के बाद जगह प्रदान करने की कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने के लिए एक प्रस्ताव बनाकर हाउस की बैठक में पेश किया गया। जिसको स्थानीय प्रशासन की तरफ से सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। वहीं, स्थानीय अदालत को एसडीएम कार्यालय के सामने स्थित सामुदायिक केंद्र में जगह अलॉट करने की प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-गुरप्रताप सिंह, एमई, डेराबस्सी नगर परिषद