मोहाली। कोरोना काल के बीच राज्य शिक्षा विभाग ने नॉनबोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं दो शिफ्टों में करवाने का फैसला लिया है। यह परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं। इन परीक्षाओं की पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट 12.20 से 3.20 बजे तक होगी। इसके लिए परीक्षाओं की डेटशीट में बदलाव भी किया गया है। कोरोना के फिर से बढ़ते मामलों के बीच शिक्षा विभाग ने कुछ एहतियातन कदम उठाए हैं। जिसके चलते बच्चों को पीने का पानी भी घर से अपने साथ लाना होगा।
कोरोना संक्रमितों की संख्या दोबारा बढ़ती देखकर और इसको फैलने से रोकने के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं को दो शिफ्टों में करवाने का फैसला लिया गया है। पहली से चौथी कक्षा और छठी, सातवीं सहित नौवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं की परीक्षा सुबह और दोपहर की शिफ्ट में होगी। शिक्षा विभाग ने संशोधित डेटशीट स्कूलों को जारी कर दी है। जिसे परीक्षार्थियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी स्कूलों को सौंपी गई है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी न हो।
मोहाली के जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी हिम्मत सिंह हुंदल ने बताया कि संशोधित डेटशीट के अनुसार पहली शिफ्ट के बाद बीची में 20 मिनट का अंतराल रहेगा और इसके बाद दूसरी शिफ्ट शुरू की जाएगी। सेकेंडरी स्कूलों में छठी और ग्यारहवीं कक्षाओं की परीक्षा सुबह की शिफ्ट में होगी। जबकि सातवीं और नौवीं कक्षाओं की परीक्षा दोपहर की शिफ्ट में होगी। इसी तरह मोहाली के जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंटरी जरनैल सिंह ने बताया कि प्राइमरी स्कूलों में तीसरी और चौथी कक्षा की परीक्षा सुबह की शिफ्ट में होगी, जबकि पहली और दूसरी कक्षा की परीक्षा दोपहर की शिफ्ट में होगी।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अगर कोई परीक्षार्थी कोरोना संक्रमित है तो उसकी परीक्षा बाद में नए प्रश्न पत्रों के जरिए ली जाएगी। नियमित परीक्षाएं समाप्त होने के बाद ही शिक्षा विभाग इन परीक्षाओं को लेकर घोषणा करेगा। स्कूलों में कोरोना दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किए जाने की हिदायत दी गई है। स्टाफ और परीक्षार्थियों के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा। परीक्षार्थियों को पीने का पानी भी साथ लाने की हिदायत दी गई है। साथ ही अपना पानी, स्टेशनरी और अन्य सामान किसी के साथ साझा न करने की हिदायत भी दी गई है। परीक्षार्थियों को निर्धारित दूरी के साथ बैठाने का निर्देश स्कूलों को दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कमरों में जगह कम पड़ने पर बरामदों और खुली जगह का इस्तेमाल परीक्षार्थियों को बैठाने के लिए किया जाए, जिससे सामाजिक दूरी का पालन किया जा सके।