मोहाली। शहर में वेटरन सहायता केंद्र बंद करने के निर्णय पर पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। एक्स-सर्विसमैन ग्रीवांस सेल मोहाली के अध्यक्ष सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल एसएस सोही ने सेना के पश्चिमी कमांड प्रमुख को पत्र भेजकर केंद्र को बंद न करने की मांग की। पत्र में कहा गया कि यह केंद्र पूर्व सैनिकों, शहीदों की विधवाओं और रक्षा कर्मचारियों के बच्चों के लिए बड़ी मदद का केंद्र है। यहां प्रतिदिन 50 से 100 मामलों का निपटारा किया जाता है। केंद्र में तैनात कर्मचारी अनुभव, ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवा निभा रहे हैं, जिससे बुजुर्ग सैनिक और उनके परिवार तुरंत सहायता प्राप्त कर पाते हैं।
कोरोना महामारी के दौरान भी केंद्र ने आधी तनख्वाह पर सेवाएं जारी रखीं, ताकि किसी पूर्व सैनिक या विधवा को कठिनाई का सामना न करना पड़े। कर्नल सोही ने बताया कि केंद्र जनवरी 1 से बंद किया जा रहा है, जबकि संस्था पिछले 24 वर्षों से नागरिकों की भलाई के लिए काम कर रही है और 400 से अधिक लंबित पेंशन मामलों का निपटारा कर चुकी है। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने केंद्र के बंद होने का विरोध करते हुए जोर देकर कहा कि यह केंद्र मोहाली, चंडीगढ़, पटियाला, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब और रूपनगर के सैनिक परिवारों के लिए भलाई का केंद्र बन चुका है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसी भी हालात में वेटरन सहायता केंद्र को बंद न किया जाए।