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Mohali News: इरादा कत्ल और आर्म्स एक्ट के मामले में पेश नहीं किए सबूत, आरोपी बरी

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मोहाली। लालड़ू में 23 अगस्त, 2018 में दर्ज एक इरादा कत्ल और आर्म्स एक्ट के मामले में अदालत ने आरोपी को सबूत के अभाव में बरी कर दिया है। आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ गेजी और दो अन्य पर मनप्रीत सिंह की हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में लालड़ू थाने में केस दर्ज हुआ था। इसकी सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज बलजिंदर सिंह सरा की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनकर फैसला सुनाया कि अमरजीत सिंह उर्फ गेजी शिकायतकर्ता मनप्रीत सिंह का सह ग्रामीण है और उसका नाम गुरजंट के साथी के तौर पर नहीं बल्कि अज्ञात के नाम से एफआईआर में दर्ज किया गया है। अगर मनप्रीत के चचेरे भाई ने उसे मौके पर देखा होता तो वह उसका नाम एफआईआर में दर्ज करवाता। गवाह का यह भी कहना है कि गुरजंट सिंह ने चेहरा छिपा रखा था, इसलिए पहचान नहीं हो सकी। मनप्रीत ने हमलावरों का विवरण भी नहीं दिया जो मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी से मेल खा सके। सुनवाई में मनप्रीत सिंह ने माना कि अमरजीत सिंह उसे बचपन से जानता है क्योंकि वे दोनों एक ही गांव के हैं। उसने जिरह में यह भी स्वीकार किया कि वह गुरजंत सिंह के साथ आए दो अज्ञात व्यक्तियों को नहीं पहचान पाया क्योंकि उनके चेहरे ढके हुए थे। उसने यह भी माना कि आरोपी मोटरसाइकिल पर श्मशानघाट की ओर भाग गए थे, लेकिन बाद में वे मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से भाग गए। इसके मद्देनजर अगला गवाह कुलदीप सिंह था जो गुरप्रीत सिंह का पिता है। वह घटनास्थल पर बाद में पहुंचा। उसने घटना को नहीं देखा। उसे घटना के बारे में मनप्रीत सिंह ने बताया। इस प्रकार उसकी गवाही अभियोजन पक्ष के लिए ज्यादा उपयोगी नहीं है, सिवाय इसके कि वह घटना के बाद मौके पर पहुंचा। इस दौरान दोनों पक्षाें की दलीलें सुनकर अदालत ने सबूत पेश नहीं करने पर आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ गेजी को बरी करने का आदेश दिया। पुलिस ने इस मामले में वर्ष 2018 में गुरजंट सिंह सहित तीन लोगों पर आईपीसी की धारा 307, 341, 506, 34 व आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई मोहाली जिला अदालत में विचाराधीन थी।
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