मोहाली। सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कांग्रेस द्वारा निकाले जाने के करीब चौबीस घंटे बाद शनिवार को शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस के एक गुट के करीब 22 पार्षदों के साथ वह पत्रकारों से रूबरू हुए।
वहां पर मौजूद सारे कांग्रेसी पार्षदों ने हाथ खड़े कर एलान किया कि वह भाजपा ज्वाइन नहीं करेंगे, लेकिन नगर निगम के मेयर अमरजीत सिह जीती सिद्धू व उनकी टीम का समर्थन करेंगे। भले ही उन्हें भी पार्टी से निष्कासित क्यों न कर दिया जाए। उनके लिए शहर का विकास जरूरी है। इसे ध्यान में रखकर उन्होंने यह फैसला लिया है।
दूसरी तरफ पत्रकार वार्ता में सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि बिना नोटिस दिए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। ऐसे लग रहा है कि इसके पीछे बड़ी साजिश की जा रही है जिसमें कुछ कांग्रेसी नेता शामिल हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच कोई गुप्त समझौता हुआ है। इसके तहत नगर निगम पर आप को काबिज करवाने के लिए राज्य सरकार काम कर ही है।
मेयर बोले- 30 पार्षद उनके साथ
मोहाली नगर निगम में 50 वार्ड हैं। इस बार हुए नगर निगम चुनाव ने 37 वार्डों पर जीत हासिल की थी। यह कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी जीत थी जबकि चुनाव में अकाली दल और भाजपा खाता नहीं खोल पाए थे। वहीं आजाद ग्रुप व आप पार्टी ने मिलकर 12 सीटें व एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता था। वहीं अब कांग्रेस की टिकट पर जीते और मेयर बने पूर्व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू के छोटे भाई अमरजीत सिंह जीती सिद्धू भाजपा ज्वाइन कर चुके हैं। उनके भाजपा में जाने के बाद कांग्रेस की राजनीति गरमाई हुई। वहीं कांग्रेस के शेष 36 पार्षद दो गुटों में बंट गए है। जीती सिद्धू का दावा है कि कांग्रेस के तीस पार्षद उनके साथ हैं जबकि छह पार्षद कांग्रेस के साथ हैं।
जैन और रंगी ने भी की थी मुखालफत, फिर कार्रवाई क्यों नहीं की
कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर रिशव जैन और पार्षद नरपिंदर सिंह रंगी को सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर ने निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि जब सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर की वोटिंग हो रही थी। उस समय न तो नरपिंदर सिंह रंगी ने अमरीक सिंह सोमल और न ही कुलजीत सिंह को वोट डाली थी। इसी तरह रिशव जैन ने वॉकआउट किया था। इसके साथ ही अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को मेयर की वोट नहीं डाली थी। दोनों नेता उस समय कांग्रेस की मुखालफत कर रहे थे लेकिन इतना सब होने के बाद भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों न हुई। वहीं, उनकी वफादारी का फायदा उठाकर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचेगा। पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है।
आप सरकार कांग्रेस पार्षदों को कर रही है तंग
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बना रही है। उनके पारिवारिक सदस्यों की ट्रांसफर की जा रही है। उन्होंने कहा कि विधायक कुलवंत सिंह इस बात को भूल जाए कि वह इस तरह दबाव बनाकर नगर निगम में कोई राजनीतिक तबदीली लाने में समर्थ हो जाएंगे।
कुलवंत के अकाली दल में जाने पर जारी रखा था समर्थन
दोनों नेताओं ने कहा कि जब कुलवंत सिंह आजाद ग्रुप से चुनाव जीते थे तो कांग्रेस के समर्थन से वह मेयर बने थे। जब वह अकाली दल में चले गए थे तो भी कांग्रेस ने उनका समर्थन जारी रखा था क्योंकि नगर निगम का काम लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में शहर का विकास जारी रखने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया है।
क्या कहते हैं कांग्रेसी पार्षद
मैंने मेयर के हक में ही डाली थी वोट
विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने उन्हें मेयर बनाने की बात कही थी लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो मैं गुस्से में चला गया था। मैंने अमरजीत सिंह जीती सिद्धू के हक में मतदान किया है। रजिस्टर में इस संबंधी हस्ताक्षर हैं। जहां तक मेरे पिछले कार्यकाल में सीनियर डिप्टी मेयर बनने की बात है तो आजाद ग्रुप और कांग्रेस में गठजोड़ हुआ था। ऐसे में मुझे यह पद समझौते के साथ दिया गया था। -रिश्व जैन, सीनियर कांग्रेस नेता एवं पूर्व पार्षद
पार्टी में रखकर आवाज उठाई थी, मिला था इनाम
पार्टी ने नगर निगम चुनाव के समय मुझे सीनियर डिप्टी मेयर बनाने की बात कही थी, लेकिन किसी कारण पार्टी ऐसा नहीं कर पाई थी। उस समय मैंने पार्टी में रहकर आवाज उठाई थी न कि पार्टी के खिलाफ जाकर कोई काम किया था। इसके बाद पार्टी ने मुझे ढाई साल बाद सीनियर डिप्टी मेयर बनाने का एलान किया था। मैं कुलजीत सिंह बेदी की तरह राजनीति नहीं कर रहा हूं। -एडवोकेट नरपिंदर सिंह रंगी, कांग्रेसी पार्षद