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Mohali News: ड्यूटी के दौरान मौत पर ईएसआईसी को झटका, विधवा को सभी लाभ और 35 हजार रुपये मुआवजे के निर्देश

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मोहाली। ड्यूटी के दौरान मौत के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) को बड़ा झटका देकर मृतक की विधवा को सभी पात्र लाभ और 35 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि ड्यूटी के दौरान होने वाली मौत को सामान्य परिस्थितियों में रोजगारजनित मृत्यु माना जाएगा जब तक इसके विपरीत ठोस साक्ष्य न पेश किए जाएं। आयोग की तीन सदस्यीय पीठ-अध्यक्ष एसके अग्रवाल, सदस्य परमजीत कौर और लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बाथ ने यह फैसला सुनाया। मृतक सुखदेव सिंह, एमएस नोवा सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे।
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ईएसआई सदस्य भी थे। 25 जून 2021 को मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी स्थित हरटेक टावर में नाइट ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सुबह करीब पौने 7 बजे उन्हें खून की उल्टी हुई और सहकर्मियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की डीडीआर से पुष्टि हुई कि मृत्यु ड्यूटी के दौरान हुई थी। मृतक की पत्नी बलविंदर कौर ने आश्रित लाभ के लिए ईएसआईसी कार्यालयों में आवेदन किया, लेकिन दावा खारिज कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता जसबीर सिंह ने आयोग में दलील दी कि सभी साक्ष्य स्पष्ट रूप से ड्यूटी के दौरान मौत को साबित करते हैं। आयोग ने सभी दस्तावेजों और परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ईएसआईसी की दलीलें खारिज कर दीं। आयोग ने आदेश दिया कि शिकायतकर्ता को मृत्यु की तारीख से देय सभी पात्र ईएसआई लाभ 30 दिनों में 9% वार्षिक ब्याज सहित जारी किए जाएं। तय समय में भुगतान न होने पर बकाया राशि पर 12% वार्षिक ब्याज देना होगा। इसके अलावा मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 35 हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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