मोहाली। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल की इमरजेंसी के सामने वाली लिफ्ट आए दिन खराब रहने से मरीज और तीमारदार परेशान हो रहे हैं। इस पूरी इमारत में केवल दो ही लिफ्ट हैं। इमरजेंसी के सामने और दूसरी लिफ्ट कमरा नंबर चार के सामने है। पिछले दिनों भी यह दोनों लिफ्ट खराब हो गई थी और इसके चलते अस्पताल के मरीजों से लेकर पूरा स्टाफ भी परेशान रहा। इसके बाद कर्मचारियों को बुलाकर लिफ्ट ठीक करवाई गई। इसके कुछ दिन बाद ही फिर से एक लिफ्ट बंद हो गई। यह सिलसिला काफी दिनों से चल रहा है। इस कारण मरीज और तीमारदार सीढि़यों और रैंप से पैदल ही इलाज करवाने पहुंच रहे हैं।अब भी शनिवार दोपहर से इमरजेंसी के सामने वाली लिफ्ट बंद है और इससे मरीजों और अस्पताल के स्टाफ को परेशानी हो रही है। इस कारण लोगों को सीढि़यों और रैंप का सहारा लेना पड़ रहा है। यह शहर का इकलौता सबसे बड़ा सिविल अस्पताल है और भारी संख्या में लोग इलाज करवाने यहीं पहुंचते हैं।
अस्पताल में मरीज पहले ही अपनी परेशानी लेकर आते हैं और यहां लिफ्ट खराब होने से उन्हें और परेशानी झेलनी पड़ती है। मरीजों के परिजन भी कई टेस्ट और दवाइयां लेने के लिए ऊपर नीचे भाग-दौड़ में लगे ही रहते हैं। लिफ्ट ठीक होने से उन्हें सुविधा हो जाती है, परंतु शनिवार से परेशानी बढ़ गई है।
मरीजों ने यह कहा -
मैं गिरते-गिरते बची
तीन दिन से पति को इलाज के लिए भर्ती कराया हुआ है। मैं अकेली ही उनके साथ अस्पताल में मौजूद होती हूं। इस कारण मुझे ही उनकी दवाइयां और उनके टेस्ट कराने के लिए जाना पड़ता है। लिफ्ट खराब होने से पति को सीढ़ियों से ले जाने में परेशानी होती है। कई बार तो मैं उन्हें संभालते हुए गिरते-गिरते बची हूं। -सीमा कुमारी, मरीज की पत्नी
जख्मों से होती है और ज्यादा तकलीफ
मोटरसाइकिल से टक्कर होने के कारण मेरे पैर और हाथ में चोटें आई हैं। इसके चलते मेरा अस्पताल में इलाज चल रहा है और इस तीन मंजिला इमारत में लिफ्ट के बिना ऊपर नीचे आने-नाने से जख्मों से और ज्यादा तकलीफ होती है। इससे कोई अन्य चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। -सुशील कुमार, मरीज
कोट
सिविल अस्पताल में इमरजेंसी के सामने लिफ्ट खराब होने की कोई जानकारी नहीं है। कुछ समय पहले ही अस्पताल की सभी लिफ्टों की एएमसी हुई है। अगर फिर भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसे चेकर करवाकर ठीक करवाया जाएगा। -डॉ. नवदीप सैनी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट