फेज-11 स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थी कई दिनों से परेशानी उठा रहे हैं। 1.22 लाख का बिजली बिल न भरने से स्कूल का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। इसके बाद विद्यार्थियों को तपती गर्मी में कक्षाओं में बैठना पड़ रहा है। वहीं, रही सही कसर पानी की सप्लाई न होने से पूरी कर दी है। विद्यार्थियों को मजबूरी में घर से पानी लाना पड़ रहा है, लेकिन इस तरफ शिक्षा विभाग को कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा।
जैसे ही मामला शुक्रवार को सुर्खियों में आया तो अकाली दल के हलका इंचार्ज हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा शिक्षा और बिजली विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर स्कूल पहुंच गए। साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू करवाया। हालांकि अब तक भी बिल की अदायगी नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक स्कूल का बिजली बिल 1.22 लाख का आया था। जनवरी-2015 के बाद स्कूल की तरफ से बिल नहीं भरा गया था। जिसके बाद विभाग ने कनेक्शन काट दिया था। स्कूल के विद्यार्थियों ने बताया कि कनेक्शन काटने के साथ ही स्कूल में पानी की सप्लाई बंद हो गई। मजबूरी में वह घर से पानी लेकर आते हैं, लेकिन वह भी कम पड़ जाता है। स्कूल में सिर्फ पानी का एक कूलर लगा है, जो खराब है। वहीं, कोई आरओ सिस्टम भी नहीं है। विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
‘कई बार अधिकारियों को बताया नहीं हुई कार्रवाई’
इस मौके पर स्कूल के टीचरों ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि उनकी तरफ से कई बार विभाग को इस बारे में अवगत करवाया गया। लेकिन विभाग की ओर से इस मसले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इस कारण यह समस्या आई है।
बच्चों को जगह नहीं, पेपर चेक करने का सेंटर बनाया
उन्होंने बताया कि स्कूल में दसवीं कक्षा के पेपर चेक करने का सेंटर बनाया गया है। जबकि स्कूल में पहले ही कमरों की कमी है। साथ ही बच्चे गलियारों में पढ़कर पढ़ाई करते हैं।
फेज-1 के स्कूल की भी कट गई थी लाइट
बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई फेज-1 के स्कूल में की गई थी। करीब 35 हजार की अदायगी न होने से यहां भी कनेक्शन काट दिया गया था। अकाली नेता ने दोपहर को कनेक्शन चालू करवाया था।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस मामले में डीपीआई सेकेंडरी बलबीर सिंह ने कहा कि उक्त मामला उनके ध्यान में नहीं है। हालांकि उन्होंने बताया कि बिजली विभाग को हिदायत दी गई है कि किसी भी स्कूल का यदि बिल पेंडिंग होता है तो उनका कनेक्शन न काटा जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सारी जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल व डीईओ की बनती थी। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।