ज़ीरकपुर। बिजली बोर्ड के ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि 22 फरवरी को डेराबस्सी हलके के विधायक कार्यालय के बाहर बड़ा धरना दिया जाएगा। इसी के तहत शुक्रवार को जीरकपुर शहर में रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। बिजली विभाग के अधीन कार्यरत ठेका कर्मचारी तीन दिन से एसई कार्यालय जीरकपुर के बाहर धरने पर बैठे हैं। प्रेस से बातचीत के दौरान एकम सिद्धू और अमनिंदर सिंह ने बताया कि अधिकारी उनकी जायज मांगों को मानने से इन्कार कर रहे हैं, इस कारण उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है।
कर्मचारियों ने रोष मार्च डीमार्ट रोड से शुरू किया और एयरपोर्ट चौक पर प्रदर्शन करते हुए लोगों को अपनी समस्याएं बताईं। इसके बाद मार्च छत गांव की ओर निकाला गया, जहां ग्रामीणों को बिजली बिल 2025, लेबर कोड, नरेगा योजना और कृषि बीज बिल से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी गई और 22 फरवरी के धरने में शामिल होने की अपील की गई। कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आम लोगों की सरकार होने का दावा करने वाली सरकार अब कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रीपेड मीटर और रिचार्ज सिस्टम आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। साथ ही किसानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की भी निंदा की गई। इस दौरान कुलवीर सिंह मुबारकपुर, हरविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, रोहित शर्मा और सुखविंदर सुखी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।