मोहाली। साइबर ठगों ने फेज-4 निवासी 76 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर नौ लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर महिला को डिजिटल अरेस्ट करने का डर दिखाया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आधार कार्ड दिखाकर जीता भरोसा, परिवार को जेल भेजने की धमकी
शिकायतकर्ता रुपिंदरपाल कौर के अनुसार, 25 अगस्त को अलग-अलग नंबरों से वीडियो कॉल आई। आरोपियों ने उनका आधार कार्ड दिखाकर कहा कि संदीप कुमार नाम के व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की है और इसका 10 प्रतिशत कमीशन उनके खाते में आया है। आरोपियों ने परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर बैंक खातों और संपत्ति की जानकारी भी ले ली।
एफडी तुड़वाकर नौ लाख रुपये करवाए ट्रांसफर
आरोपियों के दबाव में महिला ने बैंक ऑफ इंडिया के एनआरआई खाते में जमा नौ लाख रुपये की एफडी तुड़वाकर पांच सितंबर को आरटीजीएस के माध्यम से यस बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने गोल्ड लोन लेने और सोना बेचने के लिए भी दबाव बनाया। महिला ने 15.68 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया, लेकिन यह रकम आरोपियों के बताए खाते में ट्रांसफर नहीं की। बाद में उनके कहने पर कल्याण ज्वेलर्स में सोना भी बेच दिया।
बेटे को बताई आपबीती, पुलिस ने दर्ज किया केस
महिला ने बाद में अपने बेटे गुरवीर सिंह को पूरी घटना बताई। इसके बाद साइबर क्राइम कार्यालय फेज-4 में शिकायत दर्ज करवाई गई। जांच अधिकारी गौरव बैंस सिंह ने बताया कि पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच कर रही है।