खरड़। नगर परिषद ने स्वच्छता और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू की है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब शहर को वॉटर प्लस प्रमाणन दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इससे सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम मजबूत होगा, प्रदूषण कम होगा और लोगों को साफ-सुथरा व स्वस्थ वातावरण मिलेगा। परिषद को क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम से पहले ही वाटर प्लस का दर्जा दिया जा चुका है। अब स्वच्छ भारत मिशन के तहत और सरकार की नई हिदायतों के अनुसार शहर को वाटर प्लस प्रमाणन दिलाने पर काम शुरू किया जाएगा। जानकारी के अनुसार इस प्रमाणन के मिलने से शहर को कई तरह के फायदे होंगे।
सबसे बड़ा लाभ यह है कि शहर से निकलने वाले गंदे पानी (सीवरेज) का उचित उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे नदियों और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। इसके साथ ही खुले में गंदा पानी बहने की समस्या खत्म होगी और शहर का पर्यावरण साफ-सुथरा रहेगा। इस प्रमाणन से नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साफ-सफाई बेहतर होने से बीमारियों का खतरा कम होगा और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। शहर की छवि भी बेहतर होगी। इससे निवेश और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। परिषद के ईओ ने इस संबंध में आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को इस संबंध में कोई सुझाव या आपत्ति है, तो वह 15 दिन के भीतर लिखित रूप में जमा करवा सकता है। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।