मोहाली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपये के बिरफा आईटी मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत मोहाली स्थित बिल्डर राजदीप शर्मा को गिरफ्तार किया। शर्मा को ईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 28 अगस्त तक ईडी हिरासत में भेज दिया गया है। यह मामला चीन और हांगकांग से फर्जी और जाली चालान के आधार पर 4,817 करोड़ रुपये के अवैध विदेशी धन प्रेषण से संबंधित है। ईडी के अनुसार इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड तुषार और मयंक डांग नामक भाई थे, जिन्होंने भारतीय आयातकों, हवाला ऑपरेटरों, स्थानीय नेटवर्क, अंतर्राष्ट्रीय हवाला एजेंटों, चीनी निर्माताओं और प्रमुख चीनी शहरों में गोदामों के एक नेटवर्क को शामिल किया था।
जांच से पता चला कि डांग भाइयों ने भारत में आयातित वस्तुओं का बिल कम दिखाया, जबकि आरोपी मणिदीप के माध्यम से प्रतिपूर्ति के रूप में भुगतान मागो और संजय सेठी को भेजे गए। पुनर्प्रेषण को क्रिप्टो माइनिंग सर्वर, शिक्षा सॉफ्टवेयर और बेयर मेटल सर्वर लीज जैसी फर्जी सेवाओं के भुगतान के रूप में दिखाया गया। अब तक इस मामले में मणिदीप मागो और अन्य संजय सेठी, मयंक डांग, तुषार डांग और जसप्रीत सिंह बग्गा को गिरफ्तार किया जा चुका है।