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Mohali News: इकोसिटी-2 एक्सटेंशन और मेडिसिटी को मिलेगी आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट सुविधा

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मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने पर्यावरण संरक्षण और शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गमाडा ने फेज-2 डिवीजनल इंजीनियरिंग दफ्तर के जरिए डिजाइन ड्राइंग और कंसल्टेंसी सेवाओं को मंजूरी दी है। इसके तहत इको सिटी-2 एक्सटेंशन में 5 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और मोहाली के मेडिसिटी इलाके में 4 एमएलडी क्षमता वाला कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) बनाया जाएगा। दोनों परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक की अल्ट्रा फिल्ट्रेशन (यूएफ) आधारित तृतीयक उपचार (ट्रेट्ररी ट्रीटमेंट) को अपनाया जाएगा। इससे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय नवीनतम मानकों को हासिल किया जा सके।
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बढ़ते शहरीकरण में जरूरत

मोहाली का दायरा लगातार बढ़ रहा है। न्यू चंडीगढ़, इकोसिटी और मेडिसिटी जैसे नए सेक्टरों के विकास से जनसंख्या और औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में सीवरेज और औद्योगिक अपशिष्ट जल का प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। यदि इनका वैज्ञानिक और सुरक्षित निस्तारण न हो तो भूमिगत जल और आसपास की नदियों में प्रदूषण का खतरा और बढ़ जाएगा। इसी वजह से गमाडा ने यह पहल की है। 5 एमएलडी का एसटीपी सीधे तौर पर इकोसिटी-2 एक्सटेंशन के हजारों परिवारों की जरूरतों को पूरा करेगा, मेडिसिटी क्षेत्र के लिए 4 एमएलडी का सीईटीपी मेडिकल संस्थानों, रिसर्च लैब्स और स्वास्थ्य सेवाओं से निकलने वाले अपशिष्ट जल का सुरक्षित उपचार करेगा।


मेडिसिटी के लिए अलग सीईटीपी क्यों

गमाडा का कहना है कि मोहाली का मेडिसिटी क्षेत्र स्वास्थ्य और मेडिकल रिसर्च हब के रूप में उभर रहा है। यहां कई बड़े
अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और बायोटेक कंपनियां स्थापित हो रही हैं। इनसे निकलने वाला अपशिष्ट जल सामान्य घरेलू सीवरेज से अलग होता है। इसमें रसायन, दवाइयों के अवशेष और कई बार रेडियो-एक्टिव पदार्थ भी शामिल हो सकते हैं।
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स्थानीय लोगों और पर्यावरण को मिलेगा लाभ
- पानी की बचत और दोबारा उपयोग : उपचारित पानी को पार्कों की सिंचाई, औद्योगिक उपयोग और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

- प्रदूषण पर नियंत्रण : भूमिगत जल और सतही जल स्रोत प्रदूषण से सुरक्षित रहेंगे।

- स्वास्थ्य सुरक्षा : मेडिकल और औद्योगिक अपशिष्ट के कारण बीमारियों का खतरा कम होगा।

- पर्यावरणीय संतुलन : स्थानीय नदियों और झीलों में प्रदूषित जल जाने से रोका जा सकेगा।


परियोजना की लागत और जिम्मेदारी
गमाडा के चीफ इंजीनियर अजय गर्ग ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंसी सेवाओं को बुधवार को हरी झंडी दी गई है। डिजाइन और ड्राइंग का काम जल्द शुरू होगा। इसके निर्माण में कितना खर्च आएगा यह कहना अभी मुश्किल है। कंसल्टेंसी को यह काम सौंपा गया है। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी। इकोसिटी-2 एक्सटेंशन एसटीपी पांच एमएलडी आवासीय इलाकों के लिए होगा। मेडिसिटी सीईटीपी चार एमएलडी मेडिकल और संस्थागत अपशिष्ट के लिए। गमाडा का फेज-2 डिवीजनल इंजीनियरिंग कार्यालय इन परियोजनाओं की निगरानी करेगा।
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