पंजाब सरकार राज्य में सैर सपाटा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इको टूरिज्म पर सौ करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया है। राज्य को सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए अन्य प्रयास भी किए जाएंगे।
यह जानकारी सैर सपाटा व सभ्याचारक मामलों के मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने शुक्रवार को दी। वह चप्पड़चिड़ी स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर फतेह बुर्ज पर आस्ट्रेलिया के रनर पैट फार्मर की यात्रा स्प्रिट ऑफ इंडिया रन के पंजाब पहुंचने पर स्वागत करने के लिए पहुंचे थे।
इस मौके पर यात्रा का शानदार स्वागत किया गया। सांसद से लेकर राज्य के प्रशासनिक अधिकारी समागम में मौजूद रहे। इस मौके पर ठंडल ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म भारत सरकार व हाई कमिश्नर ऑफ इंडिया कैनबरा के सहयोग से आस्ट्रेलिया के रनर पैट फार्मर यात्रा कर रहे हैं।
फार्मर आस्ट्रेलिया के पूर्व मंत्री व खेल मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस रन में मंत्री की पत्नी तानिया फार्मर भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस यात्रा से जहां दोनों देशों के संबंध मधुर होंगे। वहीं, यात्रा अमन व शांति का पैगाम भी देगी। इससे पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मेहमाननवाजी पर फिदा हुए फार्मर
फार्मर का पंजाब पहुंचने पर जो स्वागत किया गया। वह उसके पूरी तरह से कायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि जो सम्मान उन्हें यहां मिला है। वह उसे हमेशा याद रखेंगे।
जुलाई से राज्य में पानी पर चलेगी बसें
पंजाब सरकार द्वारा पानी में बस चलाने की योजना के बारे में उन्होंने बताया कि इस दिशा में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वीडन की कंपनी बस तैयार कर रही है। बस पर आठ करोड़ का खर्च आएगा। यह जुलाई में शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में टूरिज्म का भविष्य बहुत बढ़िया है। भविष्य में कई अन्य योजनाएं भी शुरू की जाएंगी।
एसवाईएल का फैसला राज्य के हित में लिया
सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने पैट फार्मर को चप्पड़चिड़ी के इतिहास से रूबरू करवाया। वहीं, उन्होंने एसवाईएल के मामले में कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट व कानून की पालना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पानी का मामला आपस में बैठकर हल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एसवाईएल की जमीन को डी नोटीफाई करने कोई भी गैर कानूनी काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों को एसवाईएल का पानी तो मिलना ही था। वहीं, अब नहर किसानों के लिए मुसीबत बन चुकी है।
क्योंकि जंगली जानवर किसानों की फसलों को नुकसान कर रहे है। इसलिए सरकार को किसानों की मांग को देखकर यह फैसला लेना पड़ा है। वहीं, उन्होंने कहा कि हरियाणा के मंत्री व विधायकों का पंजाब विधानसभा की तरफ मार्च निकालना दुर्भाग्यपूर्ण है।