गमाडा के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट्स से एक बार फिर तीन सौ लोगों ने किनारा कर लिया है। गमाडा द्वारा पहली बार शहर में मल्टीस्टोरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया था।
परंतु लॉन्चिंग और ड्रॉ के बाद लगातार लोग इससे पीछे हट रहे हैं। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने 27 सितंबर को सेक्टर-88 में बनाए जा रहे पूरब अपार्टमेंट्स के निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया था। निर्माण शुरू होने के बाद अब गमाडा को फिर झटका लगा है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों के दौरान तीन सौ लोगों ने खुद को फ्लैट लेने की प्रक्रिया से हटा लिया है।
गमाडा ने दिसंबर-11 में पूरब प्रीमियम अपार्टमेंट्स स्कीम लॉन्च की थी। शुरुआत में छह हजार से ज्यादा फ्लैट बनाने की योजना थी। परंतु करीब 4500 लोगों ने ही इसमें रुचि दिखाई। उसके बाद प्रॉपर्टी बाजार बिल्कुल ठंडा हो गया। जिन लोगों के ड्रॉ में फ्लैट निकले थे।
उन्होंने स्कीम से नाम वापस लेना शुरू कर दिया। हालत यह हो गई कि बाद में सिर्फ 1620 लोग ही बचे। इसके बाद गमाडा ने कंपनी को पहले चरण में 1620 फ्लैट बनाने का काम सौंप दिया। परंतु अब इनमें से भी तीन सौ लोगों ने फ्लैट छोड़ने का फैसला कर लिया है। इससे गमाडा मुश्किल में आ गया है। क्योंकि कंपनी को 1620 फ्लैट बनाने का काम दिया जा चुका है।
ज्यादा कीमत और शर्त बनी मुसीबत
पूरब अपार्टमेंट अपने आप में शानदार प्रोजेक्ट था। परंतु फ्लैटों की ज्यादा कीमतें और एक शर्त गमाडा के लिए मुसीबत बन गई। यहां फ्लैट की कीमत 37 लाख, 55 लाख, 69 लाख रुपये रखी गई थीं। इससे कम कीमतों में आसपास बहुत विकल्प हैं। गमाडा ने शर्त रखी थी कि फ्लैट पांच साल तक ट्रांसफर नहीं किए जा सकते। इसके चलते प्रॉपर्टी कारोबारियों ने स्कीम से किनारा कर लिया।
तीन सौ फ्लैटों के लिए आएगी स्कीम
गमाडा अब बचे हुए तीन सौ फ्लैटों के लिए अलग से स्कीम निकालने की योजना बना रहा है। अधिकारी इस पर भी विचार कर रहे हैं कि इन फ्लैटों पर पांच साल तक ट्रांसफर न करने की शर्त हटा दी जाए। ताकि लोग इनमें निवेश कर सकें।