मोहाली। शहर के लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने के लिए नगर निगम सार्वजनिक स्थानों पर पेंटिंग बनाने से लेकर सोशल मीडिया तक का सहारा ले रहा है। इतना ही नहीं बड़े महानगरों की तर्ज पर स्मार्ट कूड़ेदान से लेकर कई योजनाएं भी बनाई हैं लेकिन हालात यह है कि इलाके के कई बाजारों में से कूड़ेदान ही गायब हो गए हैं। कूड़ेदान गायब होने के बाद अब लोहे के स्टैंड ही शेष रह गए हैं। ऐसे में लोग खुले में गंदगी फेंकने को मजबूर हैं। इस वजह से पूरा दिन लावारिस पशु और कुत्ते वहां मुंह मारते रहते हैं। इससे बाजारों की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है।
मोहाली शहर के फेज-एक से लेकर दस तक मुख्य बाजार आते हैं। इसके अलावा सेक्टर-68, 69 व 70, सेक्टर-76 से अस्सी में भी अब दुकानें खुल गई हैं जबकि कई अन्य इलाके भी बस गए हैं। दुकानदारों का आरोप है कि इन बाजारों में नगर निगम लाखों रुपये हर साल प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में वसूलता है, लेकिन इन इलाकों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। काफी समय से अधिकतर बाजारों में कूड़ेदान गायब हैं। फेज-सात, फेज-3बी2, फेज-पांच, फेज-दो में दिक्कत ज्यादा है। हालांकि कूड़ेदानों के स्टैंड नींव पक्की होने से बच गए। इतना ही नहीं, कुछ जगह कूूड़ेदानों को जलाया भी गया है। यह मामला नगर निगम के पार्षदों से लेकर अधिकारियों तक के ध्यान में भी है लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता है। दुकानदारों के अनुसार उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी रोज सुबह और हफ्ते के आखिरी दो दिन शनिवार और रविवार को आती है। जब बाजार में बिल्कुल भी सफाई नहीं होती है।
कई जगह दुकानदारों ने हटाए कूड़ेदान
नगर निगम ने कुछ साल पहले सारे बाजारों में कूड़ेदान लगाए थे। कुछ जगह पर यह बिल्कुल दुकानों के सामने स्थापित हो गए थे। कूड़ेदानों के गंदगी से भर जाने से दुकानदार परेशान होते थे। सूत्रों के अनुसार ऐसे में कई जगह तो दुकानदारों और उनके मुलाजिमों ने खुद दुकानों के आगे से कूड़ेदान हटाकर बाजार के एक किनारे में रख दिए।
क्या कहते हैं दुकानदार और व्यापारी
कूूड़ेदानों के बिना बाजार सुंदर नहीं बनेंगे
नगर निगम द्वारा बाजारों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। बाजारों में नई फैंसी लाइटों से लेकर टाइलें लगाई गई हैं लेकिन जब कूड़ेदान न होने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होंगे, तब ऐसी सुंदरता का किसी को क्या फायदा मिलेगा। नगर निगम को इस दिशा में काम करना होगा। -साहिल बंसल, व्यापारी, फेज-एक मार्केट
सर्वेक्षण के समय ही याद आती है सफाई
जब स्वच्छता सर्वेक्षण चलता तो नगर निगम को सफाई की याद आती है। फेज-11 से फेज-सात आने वाली सड़क पर कूड़ेदान रख दिए जाते हैं। सफाईकर्मी भी दिखते हैं लेकिन इसके बाद इस दिशा में बिल्कुुल भी काम नहीं होता है जो कि बिल्कुल गलत है। -मनोज वर्मा, व्यापारी फेज-नौ
चंडीगढ़ से लें सफाई की सीख
चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली के बाजार बनाए गए लेकिन सफाई के मामले में चंडीगढ़ से सीख नहीं ले रहे हैं। चंडीगढ़ के बाजार बिल्कुल साफ होते हैं। हर ब्लॉक में बाकायदा कूड़ेदान से लेकर रोज सफाई के इंतजाम हैं लेकिन यहां पर ये सारी चीजें गायब हैं। इस पर काम करना पड़ेगा। -राज पाल चौधरी, प्रधान फेज-पांच मार्केट
पहल के आधार पर लगाए जाएं कूड़ेदान
नगर निगम को पहले सभी बाजारों और सड़कों के किनारे कूड़ेदान स्थापित करने चाहिए। ये ऐसे होने चाहिए जिसे चोरी न किया जा सके। इसके अलावा इनकी नियमित सफाई होनी चाहिए तभी लोगों को इस समस्या से राहत मिल पाएगी। -अशोक झा, पार्षद व व्यापारी फेज-3बी2