जीरकपुर। नगर परिषद की अनदेखी के चलते ढकोली स्थित वेरका बूथ के पास करीब तीन महीने से पेयजल लीकेज जारी है। रोजाना सुबह और शाम जलापूर्ति के दौरान सैकड़ों लीटर पीने का पानी सड़कों पर बह रहा है। जलभराव और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है, वहीं बच्चों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासी राकेश मित्तल ने बताया कि लंबे समय से लगातार पानी बहने से सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे बच्चों के बीमार होने की आशंका रहती है। हालात ऐसे हैं कि बच्चे बाहर खेलने तक नहीं जा पा रहे।
वहीं दुकानदार गौरव कौशिक ने कहा कि लीकेज उनकी दुकान के बिल्कुल पास है। लगातार पानी बहने से बदबू फैल गई है और गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी कम हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक ओर पानी की बचत की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद खुद पेयजल की बर्बादी कर रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लीकेज की शिकायतें कई बार की जा चुकी हैं, लेकिन तीन महीने बीतने के बावजूद नगर परिषद ने इसे ठीक नहीं कराया। लोगों ने इसे नगर परिषद की साफ लापरवाही बताया है।
शिकायत के बाद भी कोई असर नहीं
कई बार शिकायत दी गई है, लेकिन नगर परिषद की नींद नहीं खुल रही है। दुकान के सामने सुबह और शाम सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद होता है। तेजी से वाहन निकलने से दुकान के अंदर तक गंदे पानी के छींटे पड़ते हैं। नगर परिषद खुद पानी की बर्बादी कर रहा है। - केवल सिंह, ढकोली
दुकान के द्वार पर बनी सीलन
नगर परिषद खुद पानी की बर्बादी कर रहा है। उससे अधिक सड़क पर खुले में फैल रहा पानी बीमारियों को घर बना रहा है। करीब तीन महीने से पेय जल लीकेज हो रहे हैं। जिसे अभी तक बंद नहीं कराया गया है। लगातार पानी के बहाव के कारण दुकान के द्वार पर सीलन बनी रहती है, जिससे बदबू आने लगी है। - गौरव कौशिक, ढकोली
इस लीकेज को तत्काल रोके विभाग
स्थानीय लोगों को जितनी सुविधा दी जाती है। उससे कहीं ज्यादा उनके लिए दुविधा पैदा कर दी जाती हैं। रास्ते में जलभराव के कारण छोटे बच्चे भी अब खेलने के लिए घरों से बाहर नहीं निकलते हैं। लोगों को बच्चों के बीमार होने का डर सता रहा है। विभाग को इस लीकेज को तत्काल रोकना चाहिए।- गगन कुमार, ढकोली
सुबह-शाम पेय जल की लीकेज
सुबह करीब साढ़े पांच बजे से साढे दस बजे तक पानी आता है। वहीं शाम को भी पांच बजे से साढ़े दस बजे तक पीने का पानी आता है। पूरे दिन में करीब 6 से 7 घंटे पीने का पानी चलता है। दोनों समय पेय जल की लीकेज भी चलती है। इसके लगातार रास्ते में सैकड़ों लीटर पानी खुले में बहता है। - अजय कुमार, ढकोली
जल्द ही लीकेज ठीक करवा दी जाएगी
कर्मचारियों को भेज कर लीकेज की जांच कराई जाएगी। जल्द ही लीकेज को ठीक करा दिया जाएगा। पेयजल की बर्बादी नहीं होगी। - परविंदर भट्टी, ईओ नगर परिषद जीरकपुर।