मोहाली। एरोसिटी के दसों ब्लॉकों में गमाडा ने करीब एक वर्ष से बरसाती पानी निकासी के नालों की सफाई नहीं कराई है। ऐसे में अब बारिश के पानी का निकास कैसे होगा, यह समस्या बनी हुई है। रेजिडेंट्स का कहना है कि नालों की सफाई नहीं होने से बारिश में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। कभी-कभी तो सड़कें भी तालाब बन जाती हैं। इससे सड़क पर चलना जान-जोखिम में डालने के बराबर होता है। गमाडा के अधिकारियों का लापरवाही के कारण ही रेजिडेंट्स नालों और सड़कों की गंदगी से परेशान हैं।
ब्लॉक-जी के आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट कुलदीप सिंह ने बताया कि इस ब्लॉक में बरसाती नाले पूरी तरह से बंद हैं। इस वजह से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। इसके साथ ही गमाडा ने अप्रैल 2024 के बाद नाले और अंदरूनी सड़कों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की है। अब गमाडा की लापरवाही और घटिया कार्य प्रणाली के कारण एरोसिटी कूड़े और गंदगी का ढेर बन गई है। लोगों का यह भी कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करके एरोसिटी में फ्लैट तो ले लिया लेकिन अब गंदगी और असुविधाओं के बीच ही गुजर करना पड़ रहा है।
टेंडर खत्म हुआ दोबारा नहीं किया
एरोसिटी में वर्ष-2024 में सफाई का टेंडर समाप्त हुआ था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद न तो टेंडर प्रक्रिया हुई, न ही ब्लॉकों में सफाई कर्मचारी सफाई करने आते हैं। -श्याम सिंह, ब्लॉक जी एरोसिटी
ड्रेन वाटर पड़े हैं ब्लॉक
एरोसिटी में करीब सभी ब्लॉकों में रेन वाटर ड्रेन की ब्लॉकेज की समस्या बनी हुई है। इसे गमाडा को जल्द ठीक कराना चाहिए। -लखविंदर सिंह, ब्लॉक-जी, एरोसिटी
सफाई कर्मचारी नहीं आते
एरोसिटी के ब्लॉक-जी की सड़कों और ड्रेनों की सफाई करने सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। इस वजह से सड़कों और ड्रेनों पर गंदगी ही गंदगी फैली है। -हरमिदंर सिंह, ब्लॉक-जी, एरोसिटी
एरोसिटी के सभी ब्लॉकों में रेन वाटर ड्रेन की मौके पर जांच करवाकर जो भी समस्या आ रही है उसे ठीक करा दूंगा। -परमिंदर सिंह, एक्सईएन गमाडा, मोहाली।