मोहाली। शहर की गलियों में फैली बदबू और गंदगी से अब राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम मोहाली ने शहर में बढ़ते कूड़े के ढेरों और आरएमसी पाॅइंट्स पर लगातार बिगड़ती हालत को सुधारने के लिए घर-घर कूड़ा सेग्रीगेशन (गीला-सूखा कूड़ा अलग करना) मुहिम शुरू कर दी है। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने रविवार को इसे अपने वार्ड नंबर-10 से शुरू किया। इस दौरान इन्होंने कहा कि अगर लोग घर से ही गीला और सूखा कूड़ा अलग करके देंगे तो शहर में रोज पैदा होने वाले 100-150 टन कूड़े की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
लोग समारोह कराने से लगे कतराने
मेयर सिद्धू ने बताया कि फेज-5 और फेज-11 के आरएमसी पाॅइंट्स पर हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग अपने घरों के पास शादी या कोई भी समारोह करने से कतराने लगे थे। बदबू के कारण रिश्तेदार घर आने से भी मना कर देते थे। किरायेदार भी वहां रहना पसंद नहीं करते थे। जब बिना सेग्रीगेशन का कूड़ा आरएमसी पर जाता है तो उसे अलग करने में तीन-चार दिन लगते हैं। इस दौरान गीला कूड़ा सड़ने लगता है। आसपास बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
रोजगार भी बचेगा, सफाई भी होगी
इस व्यवस्था से न केवल सफाई व्यवस्था सुधरेगी बल्कि उन लोगों का रोजगार भी बचेगा जो अब तक रेहड़ियों से घरों से कूड़ा उठाते रहे हैं। अब वही लोग निगम की गाड़ियों के साथ जुड़कर काम करेंगे। निगम ने 180 गाड़ियां इस काम के लिए तय की हैं, जिनमें से 25 गाड़ियां पहले दिन सड़कों पर उतारी गईं।
दो रंग के डिब्बे रखें, धारदार चीजें अलग रखें
घर में दो अलग-अलग रंगों के डिब्बे रखें। नीले में सूखा कूड़ा और हरे में गीला कूड़ा डालें। कई बार लोग किचन वेस्ट के साथ टूटा कांच या धारदार चीजें भी फेंक देते हैं। उनको खाने से संरक्षित पशु जख्मी और बीमार होकर मर जाते हैं। ऐसी चीजें अलग डिब्बे में डालकर कूड़ा उठाने वालों को बताना जरूरी है। नगर निगम अब घर-घर जाकर न सिर्फ लोगों को कूड़ा सेग्रीगेशन के प्रति जागरूक करेगा बल्कि डेंगू रोकथाम के लिए कूलरों, गमलों और अन्य बर्तनों में जमा साफ पानी की भी जांच करेगा। निगम की टीमें हर घर में जाकर एक बार सफाई भी करवाएंगी, ताकि मच्छरों को पनपने का मौका न मिले।