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हलका इंचार्ज को लेकर अब सुखबीर पर टिकीं निगाहें

Sun, 19 Jun 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ मोहाली
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सुखबीर बादल के लिए जीत दिलाने का फॉर्मूला भी है और अभिशाप भी - फोटो : BBC
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अकाली दल के हलका इंचार्ज के खाली हुए पद को लेकर एक बार फिर सबकी निगाहें डिप्टी सीएम व पार्टी प्रधान सुखबीर बादल पर टिक गई हैं। शनिवार को अकाली और बीजेपी नेताओं की आपात मीटिंग एक होटल में हुई। इसमें फैसला लिया गया कि नगर निगम चुनाव में अकाली-भाजपा गठजोड़ का विरोध करने वालों को अकाली दल अपने नजदीक न लगाए। इससे पार्टी को बड़ा नुकसान होगा। पार्टी नेता परमिंदर सिंह सोहाना ने कहा कि ऐसे किसी भी फैसले का विरोध किया जाएगा। 
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मीटिंग में हरमनप्रीत सिंह प्रिंस व प्रकाशवति को छोड़कर सभी अकाली व बीजेपी के पार्षद शामिल हुए। मीटिंग में पार्टी के जत्थेबंदक सचिव बलजीत सिंह कुंभड़ा से मांग की है कि पार्टी प्रधान से मीटिंग का समय लिया जाए। ताकि पार्षद अपने विचार पार्टी प्रधान के आगे रखं पाए। 

मीटिंग में पार्षदों ने फैसला लिया गया कि पैराशूट के माध्यम से किसी भी उम्मीदवार को न उतारा जाए। अगर ऐसा होता तो पार्टी को बीते साल की तरह नुकसान उठाना पड़ेगा। दूसरी तरफ मीटिंग में कई अन्य नामों पर भी चर्चा हुई। जिक्रयोग है कि इससे पहले सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा के बेटे हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा को हलका इंचार्ज लगाया गया था। वह इलाके में भी सक्रिय थे। साथ ही लगातार अधिकारियों से मीटिंग कर रहे थे। इसी बीच उन्हें पार्टी ने सन्नौर का हलका इंचार्ज लगा दिया है।
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मोहाली हलके में पैराशूट कैंडिटेट क्यों 
मोहाली हलके को राज्य सरकार सिंगापुर के तर्ज पर विकसित कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इलाके में पार्टी नेताओं की एकजुटता न होने के कारण पार्टी अक्सर यहां पर पैराशूट द्वारा नया नेता उतार दिया जाता है। पिछले चुनाव में रामूवालिया यहां से चुनाव लड़े थे। इसके बाद चंदूमाजरा परिवार ने कमान संभाली। लेकिन उक्त परिवार भी नेताओं को पसंद नहीं था। कल तक जो चंदूमाजरा के साथ चलते थे। धीरे से उनका साथ छोड़ गए।
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