एक दंपती ने अपने बुरे समय में टीवी पर विज्ञापन देखकर जाने-माने पंडित से अपने परिवार की कुंडली बनवाई थी। पंडित ने कुंडली में जन्मतिथि ही गलत लिख दी। इस पर पीड़ित परिवार ने पंडित के ग्राहक सेवा केंद्र पर कई बार शिकायत की लेकिन निवारण न होने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम की शरण ली।
फोरम ने पारस शर्मा उर्फ पारस परिवार प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ फैसला सुनाया है। साथ ही दोषी को परिवार को हुई मानसिक परेशानी के लिए 10,000 रुपये व कानूनी 5,000 रुपये, 45,00 रुपये कुंडली के व 100 रुपये डाक खर्चे के रूप चुकाने का आदेश दिया है। उसे यह अदायगी 60 दिन के करनी होगी। ऐसा न करने पा नौ प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
नयागांव के गोविंद नगर निवासी भावना शर्मा चंडीगढ़ के एक प्राइवेट स्कूल में बतौर शिक्षिका काम करती हैं। कोरोना महामारी के दौर में उन्हें नौकरी की समस्या थी। ऊपर से उनके पति कपिल शर्मा जोकि मैकेनिक का काम करते हैं, उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था। इस कारण परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही थी। इससे निजात पाने के लिए भावना शर्मा ने टीवी पर एक विज्ञापन देखकर पारस परिवार प्राइवेट लिमिटेड के ग्राहक सेवा केंद्र के नंबर पर फोन किया। वहां उनको समस्या दूर करने की पक्की गारंटी देकर परिवार की कुंडली बनवाने की सलाह दी।
भावना शर्मा ने अपने परिवार के दो बच्चों सहित चारों सदस्यों की कुंडली 45,00 रुपये प्रति कुंडली के हिसाब से 18,000 रुपये में बनवाईं। कुछ समय बाद प्राइवेट कोरियर कंपनी के माध्यम से यह कुंडलियां उनके घर आई थीं। जब उन्होंने कुंडली को देखा तो उसमें उनकी जन्मतिथि गलत लिखी हुई थी। इसके अलावा चारों कुंडलियों में नाम और उम्र के अलावा बाकी सब कुछ एक जैसा था। भावना शर्मा ने पारस परिवार के फोन नंबर पर कई बार फोन कर मामला सुलझाने की कोशिश की लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इससे परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में पारस परिवार के खिलाफ मामला दायर कर दिया।
उपाय बताने के नाम पर वसूलते थे मोटी फीस
भावना शर्मा ने बताया कि कुंडली बनाने के बाद उपाय के नाम पर भी वह पैसे वसूलते थे। जोकि कम से कम 11,000 रुपये से शुरू होकर डेढ़ से दो लाख तक होते हैं। पंडित से बात करने की फीस 11,000 रुपये है, जबकि मिलने की फीस 51, 000 रुपये है।