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Mohali News: हाउसिंग सोसाइटियों में विकास में हो रहा भेदभाव, निकाय विभाग के निदेशक को बताए हालात

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मोहाली। नगर निगम के अधीन विभिन्न सेक्टरों और फेजों की हाउसिंग सोसाइटियों में विकास कार्यों को लेकर सरकार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर मेयर समेत अन्य पार्षदों ने सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में मंगलवार को मेयर के नेतृत्व में पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक कुलवंत सिंह से मिला। सभी ने निदेशक को वर्तमान हालात बताए। मेयर के अनुसार निदेशक ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। मामले में मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू ने स्पष्ट किया कि वह किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मोहाली की हाउसिंग सोसाइटियों और उनके निवासियों के साथ हो रहे भेदभाव को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जरूरत पड़ी तो आगे और सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोहाली में करीब 35 से 40 हाउसिंग सोसाइटियां ऐसी हैं, जहां सेक्शन 82/3 के तहत कानूनी रूप से विकास कार्य कराए जा सकते हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा कोई काम नहीं किया जा रहा है। मेयर ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े एक पार्षद की हाउसिंग सोसाइटी के लिए लगभग एक करोड़ रुपये के विकास कार्य मंजूर कर दिए गए, जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में स्थित सोसाइटियों के लिए 20 लाख रुपये तक के कार्य भी स्वीकृत नहीं किए जा रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेक्टर-68 से संबंधित विकास कार्यों की फाइल तक गायब कर दी गई है। मोहाली की सभी हाउसिंग सोसाइटियों के निवासी नियमित रूप से प्रॉपर्टी टैक्स अदा करते हैं, ऐसे में उनके साथ इस तरह का भेदभाव किसी भी सूरत में जायज नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय विभाग को कई बार लिखित प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन हर बार उन्हें खारिज कर दिया गया। यहां तक कि एक बार यह धमकी भी दी गई कि दोबारा प्रस्ताव भेजने पर चार्जशीट कर दी जाएगी।

ऐसे हो रहा भेदभाव
आम आदमी पार्टी के पार्षद सुखदेव पटवारी (ऋषि अपार्टमेंट) की सोसाइटी का प्रस्ताव मंजूर कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया, जबकि उसी समय कांग्रेस पार्षद विनीत मलिक के वार्ड की पंचम सोसाइटी का प्रस्ताव लंबित रखा गया। इससे जाहिर हो रहा है कि सरकार खुलेआम राजनीतिक भेदभाव कर रही है।
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