मोहाली। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाली 200 फीट चौड़ी पीआर-7 रिंग रोड एवं एयरपोर्ट रोड पर जल्द ही डिजिटल विज्ञापन देखने को मिल सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन जल्द ही जिला आउटडोर एडवरटाइजिंग कमेटी के साथ बैठक करेगा। यह जानकारी डीसी आशिका जैन ने दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आईटी गेटवे के रूप में मोहाली उभरकर सामने आ रहा है, इसलिए शहर में डिजिटल विज्ञापन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे गमाडा को करोड़ों की कमाई होगी। इसका प्रयोग सबसे पहले पीआर-7 एयरपोर्ट रोड पर किया जाएगा, क्योंकि इस रोड पर विज्ञापन की काफी अच्छी संभावनाएं हैं। इसके लिए जिले में आउटडोर डिजिटल विज्ञापन को लागू करने से पहले नगर निगम, नगर परिषद और गमाडा के अधिकारियों के साथ बैठक करके चर्चा की जाएगी। इसके अलावा एयरपोर्ट रोड पर डिजिटल विज्ञापन शुरू करने के लिए रोड सेफ्टी टीम से पूरी तरह राय ली जाएगी ताकि डिजिटल विज्ञापन साइट सड़क हादसों का कारण न बने। वहीं, जनता से भी सुझाव लिए जाएंगे।
गमाडा ने एयरपोर्ट रोड पर तय कर रखी हैं 69 जगहजिला प्रशासन एयरपोर्ट रोड पर डिजिटल विज्ञापन शुरू करने का विचार बना रहा है। वहीं, इससे पहले गमाडा भी अपने इलाके में 69 यूनिपोल पर विज्ञापन लगाकर पैसे कमाना चाह रहा है। अभी तक इसका ठेका किसी को नहीं मिला है। सब कुछ ठीक रहा और योजना पास हुई तो गमाडा जल्द ही किसी को ठेका दे देगा और उसके बाद गमाडा हर महीने करीब 1.28 करोड़ रुपये की कमाई करेगा।
डिजिटल विज्ञापन की योजना सिरे चढ़ना मुश्किलवहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक एयरपोर्ट रोड पर डिजिटल विज्ञापन की योजना सिरे चढ़ना मुश्किल है, क्योंकि इस रोड पर पहले ही बहुत हादसे होते हैं। अगर डिजिटल विज्ञापन की योजना मंजूर हो जाती है तो हादसों में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। उनका कहना है कि डिजिटल विज्ञापन की योजना पार्किंग एरिया के लिए ठीक है, लेकिन बहुत अधिक व्यस्त रहने वाली सड़कों के लिए यह सही नहीं है।
विज्ञापन से आमदनी बढ़ाने की सोच रहा नगर निगमगमाडा और जिला प्रशासन के साथ ही नगर निगम भी विज्ञापन से आमदनी बढ़ाने की सोच रहा है। इस साल नगर निगम ने विज्ञापन से होने वाली आमदनी को पिछले साल से दोगुना से ज्यादा बढ़ाते हुए 31 करोड़ का लक्ष्य रखा है। निगम का तर्क है कि अब शहर का दायरा बढ़ गया है और उनके अधीन नए इलाके आ गए हैं, इसलिए आमदनी बढ़ना तय है। इसके बाद निगम ने तीन बार टेंडर कॉल किए, लेकिन एक भी कंपनी ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। अब निगम ने टेंडर की कमियां दूर करते हुए फिर से टेंडर कॉल किया है।