मोहाली। मानसून की दस्तक के साथ ही जिले में डायरिया और हैजा के मामले सामने आने लगे हैं। गांव कुंभडा में डायरिया ने दस्तक दे दी है। अभी तक डायरिया के 19 और हैजा का एक मरीज सामने आ चुका है। इस पर चिंता जताते हुए डीसी आशिका जैन ने मंगलवार को गांव कुंभडा का दौरा किया। डीसी ने स्वास्थ्य, नगर निगम और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की टीमों गांव कुंभडा पहुंची और जांच की। डीसी ने निर्देश दिए कि जब तक दोबारा सैंपलिंग नहीं हो जाती, तब तक लोगों को टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए। अभी तक अकेले फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में एक हैजा और आठ मामले डायरिया के आ चुके हैं। डीसी आशिका जैन ने लोगों से पीने के पानी को उबालकर या क्लोरीन से उपचारित पानी पीने की अपील की है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अधिक संख्या में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस मौके पर उन्होंने मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा भी की।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी, एसडीएम मोहाली दीपांकर गर्ग, सिविल सर्जन दविंदर कुमार, नगर निगम के सुपरवाइजिंग इंजीनियर नरेश बाटा, कार्यकारी इंजीनियर जल आपूर्ति और स्वच्छता रामधनीप सिंह, जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. हरमन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुभाष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
भूमिगत पानी की टंकियां मुख्य कारण
जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में लोगों ने भूमिगत पानी की टंकियां बनाई हुई हैं। उनकी लगातार सफाई नहीं होने के कारण पानी प्रदूषित हो जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही लोग इस पानी का उपयोग नहाने, कपड़े, बर्तन आदि धोने के लिए करते हैं, लेकिन वह भी बीमारी फैलने के लिए उपयुक्त है।
प्रभावित क्षेत्रों विभाग भेजेगा टैंकर
डीसी आशिका जैन ने बताया कि जिले में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग लगातार सैंपल लेकर जांच कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में पानी को उबालकर ठंडा करने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके साथ ही स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी डायरिया एवं हैजा के मामले सामने आ रहे हैं, वहां जलापूर्ति बंद कर टैंकरों से स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
डायरिया से हो चुकी छह साल के बच्चे की मौत
पिछले साल 18 जुलाई को मोहाली में एक छह वर्षीय बच्चे की ऐसे ही डायरिया के कारण मौत हो गई थी। उसके गंभीर रूप से बीमार होने पर परिवार की ओर से फेज-6 के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां पर डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था।
बलौंगी में दस माह के बच्चे की मौत
गांव बलौंगी में दूषित पानी के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन होने की वजह से एक 10 महीने के बच्चे की मौत का मामला 6 मई को सामने आया था। मृतक की पहचान अनुराग ठाकुर के रूप में हुई थी, उसके पिता रजत कुमार ने बताया कि उनका बेटा करीब दस दिन से बीमार चल रहा था। उसका इलाज परिवार बाहर किसी निजी डॉक्टर से करवा रहा था।