मोहाली। बदलते मौसम के कारण बच्चों में डायरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल के बाल रोग वार्ड में प्रतिदिन 25 से 30 बच्चे उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कई बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती भी करना पड़ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ साहिल विकास ने बताया कि दूषित पानी, बाहर का खाना और बदलते मौसम का असर अधिकांश मामलों में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने से बच्चे जल्द स्वस्थ हो जाते हैं। हालांकि, देरी होने पर शरीर में पानी की कमी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों के खानपान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। बच्चों को केवल उबला या साफ पानी पिलाएं। उन्हें ताजा भोजन दें और बाहर का खुला या बासी खाना खाने से बचाएं। दस्त या उल्टी लगातार होने पर तुरंत अस्पताल लेकर आएं।
डायरिया के लक्षण और बचाव
डायरिया के प्रमुख लक्षणों में बार-बार पतले दस्त, उल्टी, बुखार और कमजोरी शामिल हैं। शरीर में पानी की कमी, मुंह सूखना और बच्चे का सुस्त या चिड़चिड़ा होना भी इसके संकेत हैं। बचाव के लिए ओआरएस का घोल बार-बार पिलाएं और स्तनपान जारी रखें। खाने से पहले और शौच के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं। लक्षण बढ़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।